बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर तैयारी, नामांकन और प्रचार का दौर जारी है। इन सब के बीच पाला बदलने और विद्रोह करने का भी दौर जारी है। इसी क्रम में बीजेपी से टिकट की चाह रखने वालों को जब टिकट की उम्मीद धुंधली होती दिखी तो संभावित उम्मीदवारों ने या तो निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर दिया या किसी और दल के सहारे चुनावी वैतरणी पार करने चल पड़े।
अब ऐसे नेताओं पर बिहार बीजेपी की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई है। ऐसे कुल 9 नेताओं को पार्टी ने 6 साल के लिए पार्टी से निष्काषित कर दिया है। इन नेताओं में रोहतास से राजेन्द्र चौहान और रामेश्वर चौरसिया, पटना ग्रामीण से उषा विद्यार्थी और अनिल कुमार, झाझा से रविन्द्र यादव, भोजपुर से श्वेता सिंह, जहानाबाद से इंदु कश्यप, अमरपुर से मृणाल शेखर और जमुई से अजय प्रताप के नाम शामिल हैं।
पार्टी ने अपनी विज्ञप्ति में इन नेताओं के नामों के साथ लिखा है कि आप लोग एनडीए प्रत्याशी के विरुद्ध चुनाव लड़ रहे हैं। इससे एनडीए के साथ साथ पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। यह पार्टी अनुशासन के विरुद्ध कार्य है। अतः आपको पार्टी विरोधी इस कार्य के कारण पार्टी से छह साल के लिए निष्काषित किया जाता है। इस पत्र पर बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के दस्तख़त भी हैं।
