बाबरी विध्वंस मामले में 28 साल बाद सीबीआई की विशेष कोर्ट द्वारा फैसला सुनाया दिया है। सीबीआई अदालत ने अपने फैसले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। जज एसके यादव ने अपने फैसले की शुरुआत में कहा कि यह पूर्व नियोजित घटनाक्रम नहीं था। यानी आरोपियों ने पहले से इसकी साजिश नहीं रची। यह सब अचानक हुआ था।
अशोक सिंघल के बारे में जज ने कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है। जो तस्वीरें पेश की गईं, उन्हें साक्ष्य नहीं माना जा सकता है। लखनऊ में हुई इस सुनवाई में छब्बीस आरोपी मौजूद रहे। हालांकि आडवाणी, जोशी, उमा भारती को कोरोना महामारी देखते हुए छूट दी गई है। आपको बता दें कि इस फैसले को देने वाले जज एस के यादव रिटायर पहले ही हो चुके थे लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस सुनवाई के लिए उन्हें सेवा विस्तार दिया था।
