चेन्नई में गुरुवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब एक गुमनाम ईमेल में दावा किया गया कि उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के मायलापुर स्थित आवास में बम लगाया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते मौके पर पहुँचे और पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया। घंटों चली जांच के बाद कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिसके बाद अधिकारियों ने इस धमकी को झूठा अलर्ट घोषित किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, ईमेल में राधाकृष्णन के मायलापुर वाले घर का ज़िक्र था, जो फिलहाल उपयोग में नहीं है। एहतियातन उनकी वर्तमान पोएस गार्डन स्थित आवास की भी तलाशी ली गई, जहाँ भी कुछ संदिग्ध नहीं पाया गया।
बीते कुछ महीनों में चेन्नई में इस तरह के ईमेल आधारित बम धमकी संदेशों में तेज़ी आई है, जिनका निशाना वीआईपी, स्कूल, मीडिया दफ्तर और आईटी कंपनियाँ बनी हैं। हाल ही में अभिनेता-नेता विजय को भी ऐसे दो झूठे धमकी मेल मिले थे, जिनमें से एक मामले में एक होटल कर्मचारी की गिरफ्तारी हुई थी।
वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इन मेलों की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए विशेष जांच चल रही है, क्योंकि अधिकांश मेल फर्जी खातों या विदेशी सर्वरों से भेजे जाते हैं। “हम कोई जोखिम नहीं उठा रहे,” एक अधिकारी ने कहा, “हर धमकी पर पूरी सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई जाती है।”
