कलाम को याद कर बोले कुमार विश्वास- बहुत मुश्किल है कोई यूँ वतन की जान हो जाए…

मिसाइलमैन और देश के पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम की आज जयंती है। इस अवसर पर हर आम और खास की तरफ से उन्हें याद किया जा रहा है। कहीं उनके प्रेरणादायक विचार तो कोई उनके साथ कि कोई याद साझा कर रहा है। कोई स्केच बनाई तस्वीर शेयर कर श्रद्धांजलि दी रहा तो कोई उनकी किताबों के कुछ किस्सों को शेयर कर उन्हें याद कर रहा है। कलाम की जयंती के मौके पर लोकप्रिय कवि कुमार विश्वास ने भी उन्हें याद किया।

कुमार ने कलाम को याद करते हुए फेसबुक के माध्यम से लिखा,’भारतीयता के सबसे बड़े प्रतीक पुरूष, अजातशत्रु, युग-ऋषि, विज्ञान-गन्धर्व कलाम साहब के जीवन में कमाल का वैविध्य था। राष्ट्रपति के रूप में व्यस्त दिनचर्या के बावजूद कुछ वक्त निकाल कर वीणा के तार छेड़ते कलाविद् कलाम और भारतीय विज्ञान को अग्नि की उड़ान देने वाले वैज्ञानिक कलाम बिलकुल अलग-अलग थे। सादगी के सौदर्य को उम्र के साथ निरंतर बढती अपनी ज्ञान पिपासा से क्रमश: निखारने वाले कलाम आज पूरी युवा पीढ़ी के लिए एक आदर्श हैं।’

कलाम के व्यक्तित्व पर कुमार ने लिखा,’संजीदगी सिखाने वाले दुनिया भर के तमाम धर्म-ग्रंथों को अपने जिव्हाग्र पर रखने वाले कलाम जब कभी छोटे बच्चों के साथ खेलते-कूदते हँसते-खिलखिलाते दिखते तो यूँ लगता था जैसे सहजता ने स्वयं शरीर धारण कर लिया हो। दुनिया में आदर्श माने जाने वाले एक-एक दुर्लभ मानवीय गुणों को समग्रता के साथ सुलभता से धारण करने वाली उस दीवानगी का नाम ही एपीजे अब्दुल कलाम है। हमारे सबसे प्रिय गुरु, भारत रत्न स्व एपीजे अब्दुल कलाम साहब के जन्मदिवस पर उन्हें सादर नमन। प्रणाम राष्ट्र ऋषि।’️

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कलाम न होते तो क्या होता?

राष्ट्र का वह मुसलमान राष्ट्रपति जिसे दुनिया दिल से करती है सलाम, नाम है उसका अब्दुल कलाम

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