महाराष्ट्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश राज्य के लोगों पर मुसीबत बनकर टूटी है। इसके चलते पिछले दो दिनों में 129 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। पिछले 24 घंटों में रायगढ़, रत्नागिरी और सतारा में हुई इन घटनाओं में कई लोग अब भी मलबे में दबे हैं।
बाढ़ग्रस्त इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ के अलावा नौसेना भी डटकर राहत कार्य में जुटी है। रायगढ़ जिला कलेक्टर, निधि चौधरी ने जानकारी दी कि महाड में दो जगहों पर मलबे में से अब तक 44 शव निकाले जा चुके हैं जबकि 35 घायलों का इलाज चल रहा है।
उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले में छह जगहों पर भूस्खलन हुआ है। एक स्थान पर बचाव कार्य अभी भी जारी है। मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों के मुताबिक, मलबे में करीब 50 और लोगों के दबे होने की आशंका है। रायगढ़ की महाड तहसील के तलाई गांव में बृहस्पतिवार रात आए भूस्खलन में गांव के तीस घर दब गए थे। रास्तों में पानी भरा होने के कारण राहत टीमें कुछ देर से पहुंच पाई थी।
इधर, महाराष्ट्र के राहत और पुनर्वास मंत्री विजय वडेट्टीवार ने बताया कि महाराष्ट्र में बारिश और मानसून से संबंधित अन्य घटनाओं के कारण शुक्रवार (23 जुलाई) की शाम तक 136 आकस्मिक मौतें हुई हैं। वहीं मुंबई में एक मकान गिरने से चार लोगों की मौत हुई व सात घायल हुए हैं।
इसके अलावा सतारा व रायगढ़ में अलग-अलग घटनाओं में 28 लोंगों की जानें गई हैं। महाबलेश्वर, नवाजा, रत्नागिरी, कोल्हापुर में भारी बारिश ने बाढ़ का रूप ले लिया और सैकड़ाें गांवों से संपर्क टूट गया।
वहीं, पूर्वी मुंबई के गेवांडी के शिवाजी नगर इलाके में सुबह पांच बजे एक मकान गिर गया। सात दमकल गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर दबे 15 लोगों को निकाला जिनमें 11 की हालत खराब थी और उन्हें दो अलग-अलग अस्पताल पहुंचाया गया।
दूसरी घटना में,घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में डॉक्टरों ने नेहा परवेज शेख, मोकार जबीर शेख और फरीन शेख को मृत घोषित कर दिया जबकि शमशाद शेख नाम की महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा कुछ लोगों को सायन के लोकमान्य तिलक अस्पताल में भी भर्ती कराया गया है।
वहीं सातारा की पाटण तहसील में पहाड़ी की तराई में बसे आंबेघर में आधीरात को हुए भूस्खलन से 12 लोगों की मौत हो गई जिसमें बच्चे भी शामिल थे और करीब 15 लोग घायल हुए। मीरागांव में एक मकान के मलबे में दबने से 8 लोगों की मौत हो गई।
उधर, चिपलून में एक निराशाजनक खबर में कोविड अस्पताल में पानी घुसने से वेंटिलेटर पर उपचाराधीन आठ मरीजों ने दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि एनडीआरएफ, नौसेना व वायुसेना की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वह आज हेलीकॉप्टर के द्वारा बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों का दौरा करेंगे।
महाराष्ट्र के कई इलाकों में पहाड़ों पर भूस्खलन होने से सौ से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। भूस्खलन के अलावा कई लोग बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात कर स्थिति का जायजा लिया है और केंद्र से हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया। साथ ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार से बात कर स्थिति का जायजा लिया है और सेना के हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
प्रधानमंत्री ने रायगढ़ में भूस्खलन के हादसे पर दुख जताते हुए मरने वालों की आत्मा की शांति को लेकर प्रार्थना की। उन्होंने मुश्किलों के इन क्षणों में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिवारों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाने की भी घोषणा की।
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