दिल्ली के पर्यावरण के लिए बेहद महत्वपूर्ण दक्षिणी रिज क्षेत्र में अवैध पेड़ कटाई पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) के कुछ अधिकारियों पर ₹25,000 का जुर्माना लगाया है, क्योंकि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की अनुमति के बिना ही पेड़ों की कटाई करवाई। हालांकि, DDA के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को इस जुर्माने से छूट दी गई है।
यह मामला तब सामने आया जब CAPFIMS अस्पताल के लिए सड़क चौड़ी करने के नाम पर रिज क्षेत्र में करीब 1,100 पेड़ काट दिए गए। कोर्ट ने पाया कि यह कार्य सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश की सीधी अवहेलना है, जिसमें रिज क्षेत्र को संरक्षित रखने के निर्देश दिए गए थे।
न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि जनहित के नाम पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जा सकती। अदालत ने DDA को आदेश दिया है कि वह 185 एकड़ भूमि पर नए पेड़ लगाए और इसकी निगरानी के लिए एक तीन सदस्यीय समिति गठित की जाएगी।
कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि सड़क चौड़ीकरण से लाभान्वित होने वाले आसपास के समृद्ध क्षेत्रों के निवासियों से एक बार का शुल्क वसूला जाए, जिससे पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई की जा सके।
यह फैसला दिल्ली के ‘ग्रीन लंग्स’ कहे जाने वाले रिज क्षेत्र की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अदालत की गंभीरता को दर्शाता है।
