दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के भरतपुर जिले से 34 वर्षीय कासिम को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि कासिम दो बार पाकिस्तान जा चुका है और वहां लगभग 90 दिनों तक रुका। इस दौरान वह आईएसआई अधिकारियों से मिला और जासूसी की बाकायदा ट्रेनिंग भी ली।
भारत लौटने के बाद कासिम ने देश के सैन्य ठिकानों और संवेदनशील इलाकों की जानकारी जुटाकर पाकिस्तान भेजी। इतना ही नहीं, वह भारतीय सिम कार्ड भी पाकिस्तान भेजता था, ताकि वहां बैठे एजेंट भारत की गतिविधियों पर नज़र रख सकें। दिल्ली पुलिस ने उसे 29 मई को भरतपुर के गंगोरा गांव से गिरफ्तार कर राजधानी लाया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है और पूछताछ जारी है।
पूछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है—कासिम का भाई भी आईएसआई के लिए काम करता था, जो फिलहाल फरार है। पुलिस अब इस जासूसी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है और पूरे मॉड्यूल की जांच की जा रही है।
यह मामला देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस तरह की गतिविधियों पर सख्त नजर रखने और निगरानी बढ़ाने की रणनीति पर काम कर रही हैं।
