नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार ने शहर में हरित परिवहन को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। “दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन इंटरकनेक्टर (DEVi)” नामक इस योजना के तहत अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों का एक बेड़ा तैनात किया गया है, जो मेट्रो स्टेशनों और प्रमुख बस टर्मिनलों के बीच लास्ट माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा।
मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने इस पहल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “दिल्ली को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए हमारी सरकार लगातार प्रयासरत है। DEVi योजना ना केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि यात्रियों को सुविधाजनक और किफायती परिवहन भी उपलब्ध कराएगी।” इन बसों की लम्बाई 9 मीटर है जिसे ये उन सकरे रास्तों पर भी चल सकती है जहां 12 मीटर की लंबी बसें नहीं चल पाती थी ।दिल्ली के चार डिपो से हाल ही में 464 पुरानी बसों को हटाया गया है क्योंकि उनकी मियाद पूरी हो चुकी थी। इससे कई रूटों पर बसों की संख्या घट गई है और यात्रियों को बसों का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसके समाधान के तौर पर 400 नई बसें लाने की योजना बनाई गई है जिन्हें विभिन्न डिपो में आवंटित किया जाएगा। हालांकि इनके रूट की घोषणा फिलहाल नहीं हुई है।
यह पहल न केवल दिल्लीवासियों के लिए एक स्मार्ट और टिकाऊ परिवहन विकल्प प्रदान करेगी, बल्कि राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम करने में भी मदद करेगी। नई इलेक्ट्रिक बसें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं और यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखकर डिज़ाइन की गई हैं।
इन बसों की विशेषताएँ इस प्रकार हैं:
1. प्रत्येक बस में 23 सीटें और एक व्हीलचेयर की जगह होगी।
2. 15 यात्री खड़े होकर भी यात्रा कर सकेंगे।
3. महिला यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें होंगी।
3. यह बसें आधे घंटे में फुल चार्ज हो जाएंगी।
4. एक बार चार्ज करने पर 150 किलोमीटर की दूरी तय कर सकेंगी।
5. सुरक्षा के लिए सात कैमरे तथा ऑटोमैटिक पैसेंजर काउंटर कैमरे लगाए गए हैं।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इन बसों को प्रमुख मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों के बीच इस तरह से तैनात किया गया है कि यात्री बिना किसी परेशानी के आसानी से एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँच सकें। आने वाले महीनों में बसों की संख्या 1000तक बढ़ा दी जाएगी और इस योजना का विस्तार और अधिक मार्गों पर किया जाएगा।
DEVi पहल के जरिए दिल्ली सरकार की यह कोशिश है कि राजधानी को एक स्मार्ट, टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल शहर के रूप में विकसित किया जा सके।
