जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान गई और दर्जनों घायल हुए। इसके बाद केंद्र सरकार ने तत्काल सख्त कदम उठाए।
पीएम मोदी की आपात बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले के तुरंत बाद उच्चस्तरीय बैठक बुलाई, जिसमें एनएसए अजीत डोभाल, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सेना तथा खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में पाकिस्तान की भूमिका की गंभीर समीक्षा की गई और कड़े फैसले लिए गए।
पाकिस्तान के खिलाफ उठाए गए कदम:-
1.सिंधु जल संधि अस्थायी रूप से निलंबित।
2.हवाई क्षेत्र बंद – 30 अप्रैल से 23 मई तक पाकिस्तानी विमानों पर प्रतिबंध।
3.सीमा और वीजा प्रतिबंध – अटारी-वाघा सीमा बंद, वीजा सेवाएं निलंबित, राजनयिक निष्कासित।
4.राजनयिक संबंधों में कटौती – इस्लामाबाद स्थित उच्चायोग में स्टाफ में कमी।
5.यूएन में सख्त रुख – पाकिस्तान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप।
6.सोशल मीडिया प्रतिबंध – 16 पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल प्रतिबंधित।
एनआईए जांच
एनआईए प्रमुख दिनकर गुप्ता ने आज सुबह घटनास्थल का दौरा किया। एजेंसी ने हमले को “पूर्व नियोजित और सीमा पार से संचालित” बताया है। कई संदिग्ध हिरासत में हैं।
कैबिनेट मंत्रियों का बयान:
गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में कहा, “हमलावरों को बख्शा नहीं जाएगा।”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दोहराया, “सख्त जवाब दिया जाएगा।”
पीड़ितों की आपबीती
हमले में घायल लोगों ने बताया कि अचानक गोलियों की बौछार हुई और भगदड़ मच गई। कश्मीर घूमने निकले लोगों अब भय के साये में आ गए।
आगे की रणनीति
सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा रही है और आतंकवादी नेटवर्क व फंडिंग पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है।
