जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बैसरन घाटी, पहलगाम में सोमवार को हुए भीषण आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई और 20 से अधिक घायल हो गए। यह हमला लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) द्वारा किया गया, जिन्होंने बाद में इस हमले की जिम्मेदारी से इनकार कर दिया।
हमला दोपहर के समय हुआ जब सैकड़ों पर्यटक बैसरन की खूबसूरत पहाड़ियों का आनंद ले रहे थे। पांच आतंकियों के एक समूह ने AK-47 और M4 कार्बाइन जैसे अत्याधुनिक हथियारों से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। चश्मदीदों के अनुसार, आतंकियों ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछा और फिर चुनकर लोगों को गोली मारी साथ ही साथ जिन टूरिस्टों ने अपना धर्म नहीं बताया उनकी पेंट उतारकर उनके धर्म की पहचान की गई ।और कुछ मामलों में उनसे कलमा (इस्लामी आस्था की घोषणा) पढ़ने के लिए कहा।जो लोग कलमा नहीं पढ़ पाए, उन्हें गोली मार दी गई।
हमले का मुख्य उद्देश्य भारतीय सरकार की कश्मीर में रेजिडेंसी परमिट नीति, ग़ैर-स्थानीय लोगों की बसावट और कथित जनसंख्यात्मक बदलाव के प्रति विरोध जताना था।स्थानीय पोनी ऑपरेटर सैयद आदिल हुसैन शाह ने बहादुरी से कई पर्यटकों की जान बचाई लेकिन खुद की जान गंवा दी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, “दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।” भारत सरकार ने पाकिस्तान पर आतंकी गतिविधियों को शह देने का आरोप लगाते हुए ये कड़े कदम उठाए है :-
1. सिंधु जल संधि का निलंबन: भारत ने 1960 के सिंधु संधि को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है, जिससे पाकिस्तान को सिंधु नदी प्रणाली से मिलने वाले पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
2. हवाई क्षेत्र बंद करना: भारत ने 30 अप्रैल से 23 मई तक अपने हवाई क्षेत्र को पाकिस्तानी विमानों के लिए बंद कर दिया है, जिससे पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस की उड़ानों पर असर पड़ा है।
3. सीमा और वीजा प्रतिबंध: भारत ने अटारी-वाघा सीमा को बंद कर दिया है, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं और पाकिस्तान के राजनयिकों को निष्कासित किया है।
4. राजनयिक संबंधों में कटौती: भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने राजनयिक संबंधों को कम कर दिया है, जिसमें इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या में कमी शामिल है।
5. संयुक्त राष्ट्र में कड़ा रुख: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाया और 26/11 मुंबई हमलों के अपराधियों के खिलाफ विश्वसनीय कार्रवाई की मांग की।
6. सामाजिक मीडिया पर कार्रवाई: भारत ने पाकिस्तान के 16 यूट्यूब चैनलों को प्रतिबंधित किया है, जो भारत विरोधी और भड़काऊ सामग्री प्रसारित कर रहे थे।
भारत सरकार ने सख्त संकेत दिए हैं कि पहलगाम हमले के दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सक्रिय हैं और पाकिस्तान को उसकी नापाक हरकतों का कड़ा जवाब देने की तैयारी चल रही है। अब कार्रवाई केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहेगी।
