आईपीएल के आगाज के पहले ही मैच में दो चैंपियन टीमें जब आमने सामने हों तो यह अंदाजा लगाना हर किसी के लिए मुश्किल हो जाता है कि ऐसे मैच में जीत का सेहरा किसके सर बंधेगा? हालांकि अनुमान, आकलन, उम्मीद और चर्चा तो वाजिब तौर पर उसी टीम की होगी जिस टीम के पास महेंद्र सिंह धोनी जैसा कप्तान होगा। हुआ भी यही पहले मैच में धोनी के सीएसके ने टॉस जीत कर गेंदबाजी का फैसला किया और अंततः मैच को चेस करते हुए जीत लिया।
इस मैच में पहले बल्लेबाजी करते हुए मुम्बई ने रन का स्कोर बनाया। मुम्बई की तरफ से सर्वश्रेष्ठ पारी सौरव तिवारी ने खेली, उन्होंने 42 रन बनाए। इसके अलावा क्विनटन डी कॉक ने 33 रन बनाए। मुम्बई की पारी के दौरान चेन्नई की तरफ से सबसे ज्यादा 3 विकेट लुंगी एंगीडी ने लिए। इसके बाद जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम शुरुआत के चार ओवरों में संघर्ष करती नजर आई। हालांकि बाद में अंबाती रायडू और उनके बाद फाफ डु प्लेसिस ने टीम को जीत के आंकड़े तक पहुंचाने का जिम्मा उठाया। रायडू जहां 71 रन बना कर आउट हुए वहीं फाफ डुप्लेसिस अंत तक 58 रन बनाकर नाबाद रहे।
इस मैच के दौरान सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब तकरीबन डेढ़ साल बाद चेन्नई सुपरकिंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी मैदान पर छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। हालांकि जसप्रीत बुमराह की पहली ही गेंद का सामना करते हुए उन्हीने गेंद को मिस किया और जोरदार अपील के बाद फील्ड अंपायर ने उन्हें आउट करार दे दिया। इसके बाद धोनी ने डीआरएस का सहारा लिया और थर्ड अंपायर ने फील्ड अंपायर का फैसला बदल दिया। इस तरह डीआरएस एक बार फिर धोनी रिव्यु सिस्टम साबित हुआ।
