कभी अंग्रेजों ने भारत में क्रिकेट लाया था, आज वही भारत इस खेल का सबसे बड़ा राजा बन चुका है। जैसे ‘लगान’ फिल्म में गाँव वाले तीन गुना टैक्स से अंग्रेजों को हराकर आज़ादी पाते हैं, वैसे ही भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने इंग्लैंड को खेल के मैदान ही नहीं, कमाई के खेल में भी पीछे छोड़ दिया है।
वित्त वर्ष 2023-24 में BCCI ने ₹9,741.71 करोड़ की कमाई की, जो इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बोर्ड की कुल कमाई से तीन गुना ज़्यादा है। इसका सबसे बड़ा हिस्सा आया इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से – ₹5,761 करोड़। IPL का कुल बिज़नेस वैल्यू अब $18.5 बिलियन (₹1.56 लाख करोड़) तक पहुंच गया है।
IPL सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक वैश्विक ब्रांड बन चुका है। इसके मालिक अब इंग्लैंड की ‘The Hundred’ लीग की टीमें भी खरीद रहे हैं। मीडिया राइट्स डील, ब्रांडिंग, विज्ञापन और फ्रैंचाइज़ी की कमाई से IPL अब NFL और NBA जैसी अमेरिकी लीग्स के बराबर खड़ा है।
1928 में एक साधारण संगठन के रूप में शुरू हुआ BCCI, अब एक कॉर्पोरेट महाशक्ति है। कभी टिकट के लिए तरसते भारतीय क्रिकेट अधिकारी, आज वैश्विक क्रिकेट के सबसे बड़े फैसले लेते हैं। क्रिकेट भले इंग्लैंड में जन्मा हो, पर आज उसका भविष्य भारत के हाथ में है।
