उत्तर प्रदेश पुलिस ने गैरकानूनी धर्मांतरण रैकेट का बड़ा भंडाफोड़ करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। ये कार्रवाई मिशन अस्मिता के तहत की गई, जिसे योगी आदित्यनाथ सरकार ने धर्मांतरण और कट्टरपंथ के खिलाफ शुरू किया है।
आगरा पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के अनुसार, एक पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि उसे जबरन धर्मांतरण के बाद जावेद कुरैशी नामक युवक ने शादी के लिए मजबूर किया। कुरैशी समेत तीन अन्य आरोपी हाल ही में गिरफ्तार हुए हैं। अब तक की जांच में पुलिस को पीड़ितों के मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो, नफरत फैलाने वाले भाषण और कट्टरपंथी सामग्री मिली है।
इस पूरे गिरोह के तार नेपाल, भूटान, कश्मीर और पश्चिम बंगाल से जुड़ते हैं। गिरफ्तार आरोपी पढ़े-लिखे और बहुभाषी हैं। पुलिस उनके विदेशी लेन-देन और आतंकी संगठनों से संभावित संबंधों की जांच कर रही है।
मुख्य आरोपी मोहम्मद उमर गौतम, मुफ्ती जहांगीर आलम कासमी और छंगूर बाबा उर्फ जमालुद्दीन पहले ही एटीएस के हत्थे चढ़ चुके हैं। इनपर “लव जिहाद” और लालच देकर धर्मांतरण कराने का आरोप है। जांच में अमेरिका, कनाडा, दुबई और लंदन से फंडिंग के सुराग मिले हैं, जिनका संबंध PFI, SDPI और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से बताया जा रहा है।
जांच जारी है, कई और खुलासों की उम्मीद है।
