बॉलीवुड फिल्म जॉली एलएलबी की याद दिलाने वाला एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बांग्लादेश का वांछित अपराधी हाशेम अली मलिक उर्फ मो. हाशेम मलिक को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले से 30 साल बाद गिरफ्तार किया गया है। खास बात यह रही कि वह साधु के भेष में यहां रह रहा था।
पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तेहट्टा इलाके में छापेमारी की और उसे धर दबोचा। शुरुआती पूछताछ में उसने कुबूल किया कि वह बांग्लादेश में चल रहे आपराधिक मामलों से बचने के लिए गुपचुप तरीके से सीमा पार कर भारत आया था।
फिलहाल आरोपी को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। STF की यह कार्रवाई बंगाल में अवैध घुसपैठ और राजनीतिक संरक्षण पर सवाल खड़े कर रही है।
बीजेपी ने इस घटना को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी की विधायक अग्निमित्रा पॉल ने कहा,
“बंगाल अब आतंकियों की शरणस्थली बन गया है। ममता बनर्जी की पुलिस को कुछ पता नहीं? यही कारण है कि वह राज्य में SIR (Special Intensive Revision) लागू नहीं होने देना चाहतीं—ताकि उनके वोटबैंक को बचाया जा सके।”
यह मामला बंगाल की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप दोनों को फिर से चर्चा में ला रहा है।
