भारतीय जनता पार्टी में आते ही खुशबू सुंदर के सुर कुछ बदले-बदले से दिखाई दे रहे है. कल बीजेपी का दामन थामने के बाद खुशबू ने टाइम्स ऑफ़ इंडिया को एक ख़ास इंटरव्यू दिया है जिसमें उन्होंने खुल कर अपने दिल के राज़ खोले.
जब खुशबू से कांग्रेस पार्टी छूटने के ऊपर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा की कांग्रेस अब पहले वाली पार्टी नहीं रह गई है. वहां के लोग और उनके विचार सब बदल गए है. वहाँ कोई विचारधारा नहीं है. जो लोग पार्टी में काम करना चाहते है उन्हें यहाँ लोग काम नहीं करने दे रहे.
कुछ लोग रोड़े अटका रहे है. उनका ज़मीनी हकिकर से कोई लेना देना ही नहीं है. मैं इतने सालों से कांग्रेस पार्टी के साथ हूँ मगर आज तक मुझे उन्होंने कोई ज़िम्मेदारी नहीं दी. उन्हें अपने नेताओं पर भरोसा ही नहीं है.
‘मैं भीड़ भी जुटा सकती हूँ और ज़िम्मेदारी भी उठा सकती हूँ’
तमिलनाडु के नेता अलागिरी पर निशाना साधते हुए खुशबू ने कहा की अलागिरी ऐसे नेता नहीं है जो भीड़ जुटा सके. मैं भीड़ जुटा सकती हूँ. मुझे काम करना आता है. मैं ज़िम्मेदारी उठाना और काम करना जानती हूँ. मैं बोल्ड हूं, खूबसूरत हूँ, मैं मुश्किलों से नहीं डरती.
कांग्रेस पार्टी को कटघरे में खड़ा करते हुए खुशबू ने कहा की कांग्रेस खुद को मुसलमानों का हितैषी बताती है मगर ऐसा है नहीं. कांग्रेस में अवसरवादिता हावी है. मगर में अवसरवादी नहीं हूँ.
प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए खुशबू ने कहा की देश को सही दिशा में ले जाने के लिए मोदी जैसे नेता की ही ज़रूरत है. यहाँ बोलने और काम करने की आज़ादी है.
आपको बतादें की खुशबू ने कांग्रेस में रहते हुए तीन तलाक जैसे मुद्दों पर सार्वजनिक तौर पर प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ की थी. जिसके बाद काफी समय से यह अटकले लगाई जा रही थी की खुशबू बीजेपी में जा सकती है.
