हाथरस केस में CBI एक्शन में नज़र आ रही है. आज सुबह CBI की एक टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंची और क्राइम सीन की जांच की. सीबीआई की टीम के साथ फॉरेक्सिक एक्सपर्ट भी है जो. वहाँ से सबूत इखट्टा करेंगे. सुबह सीबीआई की टीम पहुँचने से पहले ही पुलिस ने सारे इलाके को घेर कर नाकेबंदी कर दी थी.
सीबीआई की टीम के साथ महिला पुलिस अधिकारी भी है. कयास लगाए जा रहे है की मौका-ए-वारदात के बाद सीबीआई की टीम पीड़िता के घर जाकर परिवार वालों के बयान भी दर्ज़ करेगी.
मौका-ए-वारदात पर सीबीआई की टीम के साथ पीड़िता का भाई भी है जिसके आखों के सामने यह सारा घटनाक्रम हुआ था. वहीं इन सब के बीच जानकारी यह भी है कि पीड़िता के परिजनों की तबियत बिगड़ गई है।
हाथरस पीड़िता के पिता के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि,”सूचना मिली कि लड़की (पीड़िता)के पिता का ब्लड प्रेशर हाई है और कुछ बीमारियां है लेकिन वो अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं हैं। अब मैं खुद जा रहा हूं उनसे बात करूंगा और जरूरत पड़ेगी तो उन्हें ज़िला अस्पताल लेकर जाएंगे।”
दूसरी तरफ हाथरस पीड़िता की मां की तबीयत खराब होने की भी जानकारी सामने आने पर उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है उनके साथ उनके परिवार के दो सदस्य भी हैं।
कल हाथरस गैंगरेप और हत्या काण्ड में पहली सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन के की कार्यवाही पर सवाल उठाये थे और जम कर लताड़ लगाई थी. कोर्ट के सवालों के सामने उत्तर प्रदेश प्रसाशन घिरता दिखाई दी.
जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस राजन रॉय ने पीड़िता का रात को अंतिम संस्कार करने के ऊपर अधिकारियो से पूछा की क्या आप में से किसी की बेटी होती तो आप रात को इसका अंतिम संस्कार होने देते. कोर्ट ने पुलिस के ढीले रवैये पर भी सवाल खड़े किये थे.
