महाराष्ट्र में मंदिरों को खुलवाने की मांग को लेकर आज बीजेपी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे. बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने सिद्धिविनायक मंदिर के सामने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. विरोध स्वरुप कार्यकर्ताओं ने मंदिर के सामने पूजा भी की.
बीजेपी के कार्यकर्ताओं ने बेरिकेड तोड़ते हुए ज़बरदस्ती सिद्धिविनायक मंदिर के अंदर घुसने की कोशिश की मगर सुरक्षा में तैनात पुलिस वालों ने उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया.
बीजेपी की मांग है की प्रदेश में जब सब कुछ खुल गया है तो मंदिरों को क्यों बंद किया हुआ है.
मंदिरों को भी उनके भक्तों के लिए खोल दिया जाए. बीजेपी ने चेतावनी दी है की अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वह प्रदेश में बड़ा आंदोलन करेंगे.
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ने हाथों में पोस्टर भी लिए हुए थे जिनपर लिखा हुआ था ‘मदिरा चालू, मंदिर बंद’ और नारेबाज़ी भी कर रहे थे. बीजेपी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़पे होने की खबर भी सामने आयी है.
वहीँ महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को चिट्ठी लिखकर प्रदेश में सभी धार्मिक स्थलों को खोलने के लिए कहा है.
चिट्ठी में कोश्यारी ने लिखा की एक तरफ तो आप अपने आप को हिन्दू कहते है, राम भक्त बताते है और अब आप अचानक सेक्युलर हो गए.
देश के बाकि हिस्सों में धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाज़त दे दी गई है. कहीं से भी धार्मिक स्थलों की वजह से कोरोना केस बढ़ने की जानकारी नहीं आयी है.
वहीँ राज्यपाल की चिट्ठी का जवाब देते हुए उद्धव ठाकरे ने लिखा है की मुझे किसी से हिंदुत्व के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है.
देश में इस समय अनलॉक 5 की प्रक्रिया चल रही है जिसके तहत धीरे-धीरे चीज़ो को खोला जा रहा है. किन-किन इलाकों में पब, स्कूल, जिम या धार्मिक स्थल खोलने है, इसका विशेष अधिकार केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को दिया हुआ है.
