कोरोना महामारी का प्रकोप पूरी दुनिया मे लगातार जारी है। इसका आंकड़ा चार करोड़ की संख्या को पार कर चुका है। भारत, अमेरिका और ब्राजील इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल हैं।
हालांकि बीते कुछ दिनों में संक्रमण के आंकड़े कम हुए हैं और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है इसके बावजूद अभी तक इसके स्थाई निदान के लिए कोई वैक्सीन या दवाई नही बनाई जा सकी है। कई देशों में वैक्सीन का ट्रायल जारी है हालांकि एक तय तिथि पर संशय अब भी बना हुआ है।
वैक्सीन आने और उसे जन जन तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी काफी जटिल है। लोगों के मन मे लगातार यह सवाल उठता रहा है कि आखिर कब तक वैक्सीन उपलब्ध हो पाएगी? दूसरा सवाल यह है कि अगर वैक्सीन बन भी गई तो यह 130 करोड़ से ज्यादा की जनसंख्या वाले देश मे हर इंसान तक पहुंचेगी कैसे? इसका जवाब अब खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने दिया है।
समाचार एजेंसी एएनआइ से बातचीत में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, “हम सबको उम्मीद है कि जैसे नया वर्ष प्रारंभ होगा उसके बाद हमें कभी भी वैक्सीन मिलने की संभावना हो जाएगी। उम्मीद है कि जुलाई तक हम देश में 400-500 मिलियन डोसेज वैक्सीन उपलब्ध कराकर देश की 20-25 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की क्षमता रख पाएंगे।”
वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाइजेशन भी अगले साल के शुरुआत में कोरोना वैक्सीन आने की बात कह चुका है। वैक्सीन आने के बाद इसे प्रत्येक आदमी तक पहुंचाने के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई है। इसके लिए पहले से मौजूद ढांचों का उपयोग और नई तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। उम्मीद है वैक्सीन आने के बाद इसकी पहुंच कम समय मे एक बड़ी आबादी तक होगी।
