कागजों पर मिली उपलब्धि गिना रही सरकार, कैसे होगा बेड़ा पार?

बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन और प्रचार का सिलसिला अब जोर पकड़ने लगा है। अलग-अलग दल और नेता एक दूसरे पर आरोपों के शब्दबाण चला रहे हैं। खास बात यह है कि दावों और कागजों पर मिली उपलब्धि के भरोसे ही इस बार चुनावी वैतरणी पार करने की तैयारी है।

हसनपुर से तेजप्रताप ने भरा नामांकन, तेजस्वी भी रहे साथ, पढ़ें

बिहार विधानसभा चुनावों को लेकर उम्मीदवारों के नामांकन और प्रचार का दौर तेज हो चुका है। दूसरे चरण के लिए उम्मीदवार जहां अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं वहीं पहले चरण में नामांकन दाखिल कर चुके उम्मीदवार अब चुनाव प्रचार में व्यस्त हो चुके हैं।

Big Breaking-लालू यादव को मिली जमानत

बिहार विधानसभा चुनावों के बीच चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता लालू प्रसाद यादव को जमानत मिल गई है। वह पिछले काफी वक्त से जेल में बंद हैं और रांची स्थित रिम्स में उनका इलाज चल रहा है। लालू के जमानत पर इससे पहले सुनवाई टल गई थी।

बिहार चुनावः मैं किंग नहीं किंग मेकर बनना चाहता हूँ: तेज प्रताप, तेजस्वी को बताया अपना अर्जुन

“मैं पिताजी की तरह किंग मेकर की भूमिका निभाना चाहता हूँ”, BBC हिंदी को दिए गए एक इंटरव्यू में लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और पूर्व स्वस्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने यह बात कही. उन्होंने कहा “तेजस्वी हमारे अर्जुन है. वही मुख्यमंत्री बनेंगे. उन्हें गद्दी पर बैठना है.”

डर- महुआ छोड़ इस सीट पर तैयारी में लगे लालू के लाल तेजप्रताप, सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना प्रोटोकॉल की उड़ी धज्जियां

राजनीति में हर दल और नेता यही चाहता है कि किसी भी कीमत पर उसे ऐसी सीट मिले जहाँ से वह चुनाव जीत सके और जनता उसे स्वीकार कर सके। खास कर जब छवि को पहले से ठीक साबित करने की चुनौती और बड़बोलेपन से निपटने की चुनौती सामने हो तो यह और अहम हो जाता है।

अपनी ही पार्टी के लिए मुसीबत बनेंगे तेजप्रताप? अब की यह मांग

उम्मीद थी कि राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने के बाद तेजप्रताप ऐसी कोई बयानबाजी नही करेंगे जिससे पार्टी को विधानसभा चुनाव के दौरान नुकसान उठाना पड़े लेकिन अब उनका एक ऐसा बयान सामने आया है जो पार्टी के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन सकता है।

आखिर क्यों लालू ने तेजप्रताप को किया रांची तलब?

लालू प्रसाद यादव ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को रांची बुलाया है। माना जा रहा है कि लालू उनके रघुवंश प्रसाद सिंह पर दिए बयान को लेकर खफा हैं। इसके अलावा एक चर्चा यह भी है कि तेजप्रताप के ससुर और लालू के समधी चंद्रिका राय की जदयू में एंट्री और उनकी बेटी ऐश्वर्या के तेजप्रताप के खिलाफ चुनाव लड़ने की खबरों ने भी राजद और लालू परिवार के लिए मुसीबत बढ़ा दी है। खबरों में यह भी कहा गया है कि तेजप्रताप इस बार महुआ विधानसभा की जगह हसनपुर से चुनाव लड़ सकते हैं और इसी बात पर मुहर लगवाने वह पिता लालू प्रसाद यादव से मिलने पहुंचेंगे। कल उनकी मुलाकात लालू प्रसाद यादव से हो सकती है