आत्महत्या के बाद कहाँ जाती है आत्मा?

वैदिक ग्रंथों में एक लाइन में इनका जवाब मिलता है। आत्मघाती मनुष्यों के बारे में कहा गया है कि-असूर्या नाम ते लोका अँधेन तमसावृता।तास्ते प्रेत्यभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जनाः

नासिक जेल में कैदी ने किया आत्महत्या का प्रयास

इस कैदी का नाम सोमनाथ दगड़ू सेन्डे बताया जा रहा है। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। माना जा रहा है कि लोकलज्जा और अपने किये पर पछतावे की वजह से उसने ऐसा कदम उठाया।

अशिक्षा और जागरूकता की कमी से भयावह हो रहे आत्महत्या के आंकड़े, पढ़ लें यह क्रूर सच्चाई

आपको जान कर हैरानी होगी, हमें लिखते हुए हो रही है कि अलग-अलग गाँव ऐसे हैं जहां लोग आज भी अपने जनप्रतिनिधि को नही जानते, अपने सीएम को नही पहचानते, योजनाओं की जानकारी नही है, कानून का आता पता नही है।

बुंदेलखंड जहां वादों की बरसात में सिर्फ राजनीति की फसल लहलहाती है, किसानों की नही

बुंदेलखंड के लिए हर बार चुनाव से पहले लंबे चौड़े वादे हर दल द्वारा किये जाते हैं लेकिन इस इलाके की तकदीर बदलने के मकसद से आज तक ऐसा कुछ होता नही दिखा जिससे उम्मीद जगी हो।

ऐसा देश है मेरा, जहां करोड़ो लेने वाला सुरक्षित है और अन्नदाता कर्ज के बोझ से आत्महत्या कर रहा है

उस देश की महानता पर जहां हज़ारों, करोड़ों लेकर देश से भाग जाने वाले लोग सुरक्षित हैं और महज कुछ हजार का कर्ज लेने वाला किसान कर्ज न लौटाने की स्थिति में ट्रेक्टर से कुचल कर मार दिया जाता है या भ्रष्ट सरकारी कार्यप्रणाली से तंग आकर आत्महत्या कर लेता है?

भारत में आत्महत्या के मामले चिंतनीय, क्या हैं कारण

मानसिक और सामाजिक दबाव, सफलता प्राप्त करने की अंधी दौड़ और उसके लिए अपनाए जाने वाले रस्ते इसके लिए सबसे बड़े कारण नजर आते हैं।