किसानों की सुनवाई हो गई, सरकार हमारी कब सुनेगी’, दिल्ली की सीमाओं पर दुकानदारों और छोटे उद्यमियों का दुख

किसानों की मांगें पूरी होते ही आंदोलन स्थगित कर दिया गया, लेकिन दिल्ली सीमा पर हजारों ऐसे पीड़ित हैं, जिनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही है। एक साल पहले किसान आंदोलन के साथ ही दिल्ली की तीन प्रमुख सीमाओं पर स्थित मॉल में खुले दुकानदारों, ट्रांसपोर्टरों, छोटे उद्यमियों, बड़े स्टोरों से जुड़े हजारों लोगों की जिंदगी पटरी से उतर गई।

किसान आंदोलन : काम आई शाह की रणनीति, युद्धवीर के जरिये पर्दे के पीछे से बातचीत कर रहे थे गृहमंत्री

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तीन नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के अपने साल भर के अभियान की सफलता के बाद शेष मुद्दों पर चर्चा करने के लिए कल रात किसानों के नेताओं को बुलाया, उत्पादकों ने शनिवार को कहा, पांच सदस्यीय पैनल के साथ बातचीत करने की घोषणा की। सरकार।

किसान आंदोलन थमा नहीं, अब जाट आरक्षण की फिर जोर पकड़ रही मांग; भाजपा की बढ़ सकती है परेशानी

लखनऊ में विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों में कुछ गुस्सा शांत हो सकता है, लेकिन विपक्षी नेताओं और राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह खुद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में ज्वार को मोड़ने की संभावना नहीं है।

कृषि कानूनों को रद्द करने की दिशा में आज सरकार का पहला कदम, केन्द्रीय कैबिनेट से बिल को मिल सकती है मंजूरी

केंद्र सरकार ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकसभा में उठाए जाने वाले विधेयक को विधायी कार्य में सूचीबद्ध किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय कैबिनेट बुधवार को होने वाली बैठक में ‘द फार्म लॉज रिपील बिल, 2021’ को मंजूरी के लिए ले सकती है।

किसानों का रेल रोको आंदोलन आज, कई जगह हुई तोड़फोड़, देर से चल रही ट्रेनें

किसान लखीमपुर खीरी प्रकरण को लेकर आज रेल यातायात रोक रहे हैं। इसको लेकर जहां किसान संगठनों ने अपनी पूरी तैयारी रखी है, वहीं रेलवे और पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है।

क्या है वरुण गांधी का इरादा? लगातार अपनी ही सरकार पर हैं हमलावर

किसान आंदोलन और लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों को लेकर भाजपा सांसद वरुण गांधी लगातार अपनी ही पार्टी पर हमला करते दिखाई दे रहें हैं।

राकेश टिकैत बोले-किसानों पर न हो कानूनी कार्रवाई, आशीष मिश्रा ने किया सरेंडर

लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा ने शनिवार को क्राइम ब्रांच के सामने सरेंडर कर दिया है। मजिस्ट्रेट के सामने एसआईटी की टीम ने करीब साढ़े छह घंटे से पूछताछ की।

पीएम मोदी ने किसानों को दी बड़ी सौगात, जानें क्या हुआ खास

सोमवार को जहां किसान संगठनों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ भारत बंद के दौरान देशभर में अलग अलग जगहों पर प्रदर्शन किया, तो वहीं आज प्रधानमंत्री मोदी ने देश के किसानों को नई सौगात दिया।

किसानों को मिली दिल्ली में घुसने की इजाजत, निरंकारी समागम मैदान पर करेंगे प्रदर्शन

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ मार्च के तहत राष्ट्रीय राजधानी की ओर बढ़ कर रहे किसानों को आखिर दिल्ली में दाखिल होने की इजाजत दे दी गई है। इन्हें बुराड़ी इलाके में निरंकारी समागम मैदान पर प्रदर्शन की मंजूरी मिल गई

पढ़ाई में बाधा बनी आर्थिक तंगी तो होनहार छात्रा ने दे दी अपनी जान, पढ़ें

तेलंगाना के शादनगर की रहने वाली और लेडी श्री राम कॉलेज में पढ़ रही एक 19 वर्षीय छात्रा ऐश्वर्या ने कथित तौर पर अपने घर में 2 नवंबर को आत्महत्या कर ली थी। ऐश्वर्या के पिता ने बताया, “वो पढ़ने में बहुत अच्छी थी। मैं कर्ज़ा लेकर उसे पढ़ा रहा था। मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी।”

कृषि बिल के विरोध में पंजाब में प्रदर्शन जारी, पूर्व सीएम बादल के घर के सामने किसान ने खाया ज़हर, हालत नाज़ुक

ऐसे ही एक विरोध प्रदर्शन के दौरान एक किसान ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के घर के सामने ज़हर खाकर जान देने की कोशिश की.

जब किसानों ने आत्महत्या की जगह चुनी क्रांति की राह

सरकार के खिलाफ लामबंद भी दिख रहे हैं यही वजह है कि साल 2017 में महाराष्ट्र के किसानों की एक बड़ी क्रांति देखने को मिली और विरोध प्रदर्शन का एक लंबा दौर चला।

यह अभिनेत्री अपनी बॉडी टाइप की वजह से हो गई थी डिप्रेशन का शिकार, आने लगे थे आत्महत्या के ख्याल

हम जिस अभिनेत्री की बात कर रहे हैं वह नाम है इलियाना डीक्रूज का, हाल ही में उन्होंने वर्ल्ड कांग्रेस ऑफ मेन्टल हेल्थ में अपनी इस मनः स्थित्ति का खुलासा करते हुए कहा था कि वह अपने शरीर के बनावट को लेकर डिप्रेशन में चली गईं थी।

क्या है आत्महत्या की परिभाषा?

आत्महत्या मन के भावों की वह प्रवृति है जब इंसान जीने की उम्मीदें छोड़ देता है। जब वह मान लेता है कि जिंदगी में कुछ हासिल नही हो सकता या मन टूट जाता है।

कभी आत्महत्या करने तो कभी मैला खाने को विवश हुए किसान, यह कैसा विकास

दिल्ली में तमिलनाडु से आकर किसान 41 दिन तक धरने पर बैठें और कोई न सुने तो यह दुर्भाग्य ही है। उनकी मांग भी कोई बहुत बड़ी नही थी, बस ऋण माफी और पटवन के लिए उचित पानी की मांग कर रहे थे।

क्या आत्महत्या के मामलों में आर्थिक मदद देने पर रोक लगनी चाहिए?

वास्तविकता की बात करें तो आत्महत्या में भारत सबसे आगे है और यहां हर घंटे, हर मिनट का आंकड़ा विनाशकारी है। ऐसे में अगर आर्थिक लाभ देने की कोई नीति बन जाये तो भी अनुमानतः अलग से इसके लिए एक फंड बनाना पड़ेगा।

दिल्ली मेट्रो आत्महत्या के लिए भी हो गई है मशहूर

हाल के समय मे खास कर पिछले एक साल में कई ऐसे मामले आये जब प्यार से लेकर नौकरी, और घर से लेकर बाहर तक कि समस्याओं से घिरे लोगों के जान देने की घटनाएं सामने आई।

इन बच्चों में आत्महत्या का खतरा पांच गुना ज्यादा होता है

ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ क्विन्सलैंड में हुए एक शोध के मुताबिक 12 साल से कम उम्र के बच्चों में आत्मघाती कदम उठाने का विचार अन्य बच्चों की तुलना में पांच गुना ज्यादा होता है।