Bihar Election Results Live- देखें कौन कहाँ से जीता, किस सीट पर कितने राउंड की मतगणना बाकी, क्या बोले ओवैसी

रुझानों में एनडीए बहुमत के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है वहीं महागठबंधन भी कुछ ही सीटों से पीछे है।

बिहार चुनाव: उपेंद्र कुशवाहा ने क्यों कहा हमारे लोग भी चूड़ी पहनकर नहीं बैठे है, जानिए पूरा मामला

बिहार चुनाव के प्रचार का आज आखिरी दिन है. आज रैलियों की होड़ और लाउडस्पीकरों के शोर पर विराम लग जायेगा. 7 तारीख को तीसरे चरण में 15 जिलों की 78 सीटों के लिए मतदान होगा. सभी दिग्गज नेता चाहेंगे की आज अपनी पूरी ताकत झोंक दी जाए. पक्ष-विपक्ष का एक दूसरे के ऊपर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला अभी भी जारी है.

उपेंद्र कुशवाहा को झटका दे राजद में शामिल हुए रालोसपा प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी, जानें मायने

बिहार विधानसभा की रणभेरी तारीखों के एलान के साथ ही बज चुकी है। अब दल और नेता टिकट बंटवारे पर जहां ध्यान देने में लगे हैं वहीं दल बदलने का सिलसिला भी अनवरत जारी है। इसी क्रम में आज रालोसपा को एक और बड़ा झटका उस वक़्त लगा जब उपेंद्र कुशवाहा के खास माने जाने वाले और रालोसपा के प्रदेश अध्यक्ष भूदेव चौधरी आज राजद में शामिल हो गए। पहले से ही महागठबंधन और एनडीए से दूर दूर चल रहे उपेंद्र कुशवाहा के लिए यह बड़ा झटका है।

बिहार में बदलते चुनावी समीकरण के बीच क्या महागठबंधन का दामन छोड़ NDA में वापसी करने जा रहे है उपेंद्र कुशवाहा!

NDA के पुराने साथी और आरएलएसपी के कद्दावर नेता उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन को छोड़ फिर से NDA में शामिल होने की बात सामने आयी है.

कोरोना के चलते फीका रहेगा बिहार का ‘चुनावी दंगल’, चुनाव आयोग ने जारी की गाइडलाइन्स

गाइडलाइन्स के मुताबिक उमीदवार को सिक्योरिटी मनी और नामांकन पत्र ऑनलाइन ही भरना होगा. मतलब की इस बार नामांकन भरने के लिए उम्मीदवार रथ यात्राएं नहीं कर सकेंगे.

मुश्किल है नीतीश, तेजस्वी की डगर, पुष्पम प्रिया चौधरी बनेंगी बड़ा रोड़ा

वह जिले वॉर दौरे और वहां रोजगार की संभावना, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए संभावना, इंडस्ट्री डेवलपमेंट की संभावना शेयर कर रही हैं।

राजनीति में कब तक दोहराए जाएंगे पुराने राग, मुद्दे क्यों हैं गौण ?

राजनीति में बदलाव लाने के नाम पर आई आम आदमी पार्टी भी उसी दलगत,जातिगत राजनीति का हिस्सा बन गई है। भ्रष्टाचार और लंबे चौड़े वादे कर कांग्रेस को बेदखल करने वाली बीजेपी भी उसी राह चल चुकी है। कांग्रेस के पास न चेहरा है न देश के पास विकल्प जो इसकी भरपाई कर सके।

विशेष- नीतीश की चुप्पी आत्मविश्वास या मजबूरी, क्या फिर बनेगी बीजेपी से दूरी?

नीतीश को अपने शासन और प्रशासन पर पूरा भरोसा है, ऐसा लगता है। यही वजह है कि वह इतने तनाव के बीच भी सिर्फ नजरें गड़ाए, दबाव झेलते हुए हुए चुपचाप स्थित्ति के आकलन और राजनीतिक नफा नुकसान में लगे हैं।

पुलिस का इससे विभत्स चेहरा शायद ही नजर आए, यह अपने विभाग के नही तो आपके क्या होंगे?

सिपाही को उसी के साथियों ने एक डीएसपी रैंक के अधिकारी के कहने पर इतना पीटा की वह मर गया। और तो और इस मामले को दबाने की भरपूर कोशिश हुई लेकिन अब मामले ने न सिर्फ तूल पकड़ लिया है बल्कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह तक से इंसाफ की गुहार लगाई जा रही है।

सहयोगी दल ही कहीं डूबा न दें बीजेपी की नाव

आंध्रप्रदेश में टीडीपी, महाराष्ट्र में शिवसेना ने बीजेपी के खिलाफ पहले ही मोर्चा खोल रखा है। विपक्ष अलग लामबंद हो मोदी को हराने की जुगत में भिड़ा है।

बिहार में राजनीतिक बदलाव की बयार,महागठबन्धन में बढ़ रही है दरार

राष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को नीतीश कुमार द्वारा समर्थन देने बाद से महागठबंधन में तल्खी का दौर जारी है।