बाबरी विध्वंश मामले में आज 28 साल बाद आएगा फैसला, जानें

अयोध्या में बाबरी ढांचा विध्वंश ढहाए जाने के मामले में आज लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत अपना फैसला सुनाएगी। 6 दिसंबर 1992 को ढहाए गए बाबरी ढांचे के मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह समेत सभी 32 आरोपियों को आज अदालत में मौजूद रहने के आदेश दिए हैं। यूँ तो इस मामले में कुल 49 आरोपी थे लेकिन 17 की मौत पहले ही हो चुकी है।

स्वीडन में भड़के दंगे, कपिल मिश्रा बोले- मैंने तो भाषण भी नही दिया…

स्वीडन के दक्षिणी शहर माल्मो में दंगे भड़क उठे हैं। पुलिस के अनुसार माल्मो में कुछ लोग इस्लाम विरोधी गतिविधि कर रहे थे और फिर इसके बाद कम से कम 300 लोग इसके विरोध में एक जगह जमा होकर प्रदर्शन करने लगे। फिर इसके बाद यहां दोनों गुटों के बीच दंगा भड़क गया।

दिल्ली दंगा संयोग नही ‘प्रयोग’ ही था, पढ़ें मास्टरमाइंड ताहिर हुसैन का कबूलनामा

दिल्ली पुलिस की जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि उसने अपने कबूलनामे में यह स्वीकार किया है कि जब वह 2017 में पार्षद बना तब से ही उसके मन मे यह था कि अब वह राजनीति और पैसे के भडास हिंदुओं को सबक सिखा सकता है। इस कबूलनामे में ताहिर ने यह भी माना है कि उसका साथ खालिद सैफी और पीएफआई ने दिया था।

मोदी और राहुल के बीच हैं कई बड़े अंतर, पढ़ें

राहुल गांधी और पीएम मोदी की तुलना अक्सर एक दूसरे से की जाती है। दोनो ही बड़े नेता हैं। दोनो ही अपने अपने दलों के सर्वमान्य नेता हैं। इसके बावजूद कहीं न कहीं दोनो में कुछ मसलों को लेकर एक बड़ा अंतर जरूर है।

मोदी को कोसना आसान है, मोदी बनना मुश्किल

मोदी की राजनीतिक सफर की कई कहानियां हैं, कई उपलब्धियां हैं, कई नाकामियां भी होंगी इसमे कोई संदेह नही लेकिन आखिर सीखता वही है जो गलतियां करता है। संगठन से लेकर सड़क और अब संसद तक पहुंचने वाले मोदी इसी संघर्ष की आग से तपकर निकले हैं।

अगर ऐसा ही रहा तो ममता खुद बीजेपी को सौंप देंगी बंगाल, गलत राजनीति की है यह शुरुआत

यह वह परंपरा है जहां सत्ता के लिए समाज के टुकड़े करने की एक साजिश की बू आ रही है। बीजेपी वहां शून्य से शिखर पर आने को आतुर है वहीं वाम के लाल किले को बंगाल में ध्वस्त कर सत्ता में काबिज हुईं ममता को अपने ऊपर कुछ ज्यादा ही यकीन हो चला है।

राहुल के पांडव-कौरव बयान पर बीजेपी का पलटवार,कहा- राम पर काँग्रेस ने उठाये सवाल

बीजेपी का कहने का तात्पर्य यह है कि जो पार्टी रामायण के औचित्य पर सवाल उठा रही है क्या वह महाभारत को स्वीकार करती है?