बुंदेलखंड जहां वादों की बरसात में सिर्फ राजनीति की फसल लहलहाती है, किसानों की नही

बुंदेलखंड के लिए हर बार चुनाव से पहले लंबे चौड़े वादे हर दल द्वारा किये जाते हैं लेकिन इस इलाके की तकदीर बदलने के मकसद से आज तक ऐसा कुछ होता नही दिखा जिससे उम्मीद जगी हो।