राजनीति में बदलाव लाने के नाम पर आई आम आदमी पार्टी भी उसी दलगत,जातिगत राजनीति का हिस्सा बन गई है। भ्रष्टाचार और लंबे चौड़े वादे कर कांग्रेस को बेदखल करने वाली बीजेपी भी उसी राह चल चुकी है। कांग्रेस के पास न चेहरा है न देश के पास विकल्प जो इसकी भरपाई कर सके।
मोदी की राजनीतिक सफर की कई कहानियां हैं, कई उपलब्धियां हैं, कई नाकामियां भी होंगी इसमे कोई संदेह नही लेकिन आखिर सीखता वही है जो गलतियां करता है। संगठन से लेकर सड़क और अब संसद तक पहुंचने वाले मोदी इसी संघर्ष की आग से तपकर निकले हैं।
आप किसी केमिस्ट की दुकान पर जाइये और उसे किसी भी सिरप या नींद की दवा का नाम बताइए हो सकता है वह पहले इनकार करे या ना नुकुर करे लेकिन जैसे ही आप उन्हें थोड़ा रिक्वेस्ट करेंगे या ज्यादा पैसे का आफर देंगे तो वह एक पल सोचे बिना आपको वह दवाइयां दे देगा।
सेना मुश्किल हालातों का सामना करते हुए भी मोर्चा थामे रहती है लेकिन न तो पाक की नापाक हरकतों के खिलाफ उन्हें कार्रवाई की खुली छूट दी जाती है न ही उचित संसाधन उपलब्ध हैं।