प्रधानमंत्री ने जम्मू-कश्मीर में जल्द विधानसभा चुनाव होने की कही बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को जम्मू कश्मीर के नेताओं के साथ दिल्ली स्थित पीएम आवास पर मुलाकात की। 2019 में अनुच्छेद 370 के रद्द होने और स्पेशल स्टेटस हटने के बाद केंद्र सरकार और राज्य के नेताओं के बीच यह पहली अहम बातचीत थी। प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई इस बैठक को केंद्र की ओर से जम्मू-कश्मीर राज्य में लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली की पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

गुपकार गैंग से बने गेस्ट और पीएम के बीच हुई बातचीत

गुपकार संधि के नेताओं और प्रधानमंत्री के बीच हुई बातचीत को एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है। गुपकार संधि के मुख्य नेता डॉ. फारुख अब्दुल्ला ने बताया था कि उन्हें प्रधानमंत्री की तरफ से बात करने का न्योता मिला जिसके लिए वे राज़ी है और अपनी बात प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सामने रखना चाहते हैं।

Video- महबूबा के जेल से रिहा होते ही जम्मू में विपक्ष हुआ लामबंद, राजनीतिक तापमान बढ़ा

कश्मीर में महबूबा मुफ़्ती को नजरबंद से मुक्त करने के बाद सियासी गतिविधियां तेज होती दिखाई दे रही हैं पहले जहाँ उन्होंने अपने आवास पर एक बैठक कर कश्मीर के बड़े नेताओं से मुलाकात की वहीँ आज श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के घर पर धारा 370 हटाए जाने को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई गई। इस बैठक में नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी उपस्थित रही।

जम्मू-कश्मीर में अनुछेद 370 हटने के 14 महीने बाद रिहा हुई पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती

जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ़्ती को आज रिहा कर दिया गया है. जम्मू-कश्मीर प्रशासन के आधिकारिक प्रवक्ता रोहित कंसल ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी.

भारत-चीन के विवाद के बीच फारुख अब्दुल्लाह का विवादित बयान, कहा- चीन की मदद से जम्मू-कश्मीर में फिर से लागू होगा अनुच्छेद 370, 35A

भारत-चीन की तनातनी के बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल ने ऐसा विवादित बयान दिया है जिससे सियासी तूफ़ान आना तय है. फारूक अब्दुल कहा है की चीन के समर्थन से जम्मू-कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 और 35A लागू होगा.

जम्मू में मनोज सिन्हा के बाद क्या कुछ और नया करने की फिराक में है केंद्र सरकार? पढ़ें

पहले मनोज सिन्हा का जम्मू-कश्मीर आना और अब शाह फैसल की वापसी यह संकेत देती हैं कि शाह कश्मीर में अहम भूमिका निभाएंगे।

कश्मीर को लेकर सुप्रीम फैसला,धारा 370 खत्म, दो भागों में बंटा कश्मीर

यह व्यवस्था ठीक वैसी ही होगी जैसे दिल्ली पर लागू होती है।आसान शब्दों में इसे समझें तो अब जम्मू कश्मीर की व्यवस्था अब बहुत हद तक दिल्ली की तरह होगी जहां अधिकतर शक्तियां केंद्र के प्रतिनिधि राज्यपाल या उप राज्यपाल के पास होंगी।