डीआरडीओ और एआईसीटीई ने रक्षा प्रौद्योगिकी में नियमित मास्टर ऑफ टेक्नोलॉजी कार्यक्रम शुरू किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और अखिल भारतीयतकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) द्वारा विभिन्न रक्षा प्रौद्योगिकीक्षेत्रों में आवश्यक सैद्धांतिक और प्रायोगिक ज्ञान, कौशल और योग्यताप्रदान करने के लिए रक्षा प्रौद्योगिकी में एक नियमित एम. टेक कार्यक्रमशुरू किया गया है ।

पिनाका रॉकेट प्रणाली के अत्याधुनिक रॉकेट का सफलतापूर्वक परीक्षण

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने पिनाका रॉकेट प्रणाली के अत्याधुनिक रॉकेट का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है। यह परीक्षण उड़ीसा स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र चांदीपुर केंद्र से 4 नवंबर 2020 को किया गया।

पाकिस्तान-चीन से तनाव के बीच भारत ने DRDO द्वारा विकसित ‘नाग’ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का किया सफल परिक्षण

सुरक्षा की दृष्टि से आज भारत के लिए एक बेहद अहम दिन है. पाकिस्तान-चीन से तनाव के बीच भारत ने DRDO द्वारा विकसित ‘नाग’ एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल का सफलतापूर्वक अंतिम परीक्षण किया. परीक्षण सुबह 6:45 बजे राजस्थान के पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया.

एसएसएआरटी का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया

ओडिशा तट से दूर व्हीलर द्वीप से आज पांच अक्टूबर 2020 को सुबह 11:45 बजे सुपरसोनिक मिसाइल असिस्टेंट रिलीज आफ टॉरपीडो (एसएमएआरटी) का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया। इसमें रेंज और ऊंचाई तक मिसाइल की उड़ान, आगे शंकु के आकार के नकीले भाग का पृथक्करण, टारपीडो का अलग होना और वेग न्यूनीकरण तंत्र (वीआरएम) की तैनाती सहित सभी मिशन उद्देश्यों का पूरी तरह से पालन किया गया है।

अब 400 किलोमीटर दूर बैठे दुश्मन को ढेर करेगी ब्रह्मोस, सफल रहा स्वदेशी बूस्टर के साथ परीक्षण

भारत ने विस्तारित रेंज ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया, जो 400 किमी से अधिक दूरी पर लक्ष्य को मार सकती है। यह परीक्षण रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के PJ-10 परियोजना के तहत किया गया।

उद्योग जगत की मदद की दिशा में डीआरडीओ ने किया एक और महत्वपूर्ण बदलाव

रक्षामंत्री श्री राजनाथ सिंह की स्वीकृति के बाद डीआरडीओ और एटीवीपी ने उद्योगों को मदद करने के लिए एक और उपाय के तौर पर “विकास संविदाओं” में “प्रदर्शन सुरक्षा” के नियम को ख़त्म कर दिया है। यह छूट केवल विकास संविदाओं के लिए है जैसा कि डीआरडीओ की खरीद नियमावली (पीएम-2016) के पैरा 12.5 में उल्लेखित और संशोधित किया गया है।

अभी बाकी है राफेल का शो, आज वायुसेना में होगा औपचारिक तौर पर शामिल, देखें तस्वीरें

अंबाला वायु सेना स्टेशन पर राफेल विमान का औपचारिक अनावरण पारंपरिक रूप से आयोजित ‘सर्वधर्म पूजा’ के साथ किया जाएगा और फिर फ्लाई पास्ट भी होगा।

कलाम न होते तो क्या होता?

कलाम न होते तो भारत का क्या होता? इसका जवाब बहुत सरल है। शायद आज भारत अंतरिक्ष के मामले में इतना सम्पन्न न होता। शायद हमारे लिए आज भी “चंदा मामा दूर के होते।”

राष्ट्र का वह मुसलमान राष्ट्रपति जिसे दुनिया दिल से करती है सलाम, नाम है उसका अब्दुल कलाम

दुनिया की 24 यूनिवर्सिटी ने उन्हें डॉक्टरेट की मानद उपाधि दी। भारत को उन्होंने परमाणु सम्पन्न बनाया। देश को विज़न 2020 कर के एक ख्वाब दिखाया। टायफेक जैसी संस्था दी। लाखों को उम्मीद और करोड़ों को मकसद दिया। पोखरण में परमाणु विस्फोट कर अटल जी के सपने को साकार कियावो भी अमेरिका को झांसा देकर।