भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े कूटनीतिक तनावों के बीच रविवार को भारत ने एक ‘गुडविल जेस्चर’ दिखाते हुए पाकिस्तान को तवी नदी में संभावित बाढ़ की जानकारी दी। यह चेतावनी भारतीय उच्चायोग, इस्लामाबाद के ज़रिए भेजी गई, क्योंकि पाहलगाम आतंकी हमले के बाद इंडस वाटर ट्रीटी (IWT) के तहत संवाद फिलहाल स्थगित है।
पाकिस्तान की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत से मिली इस जानकारी के आधार पर पाकिस्तानी प्रशासन ने चेतावनियां जारी कर दी हैं। यह पहली बार है जब भारत ने IWT चैनल के बजाय अपने राजनयिक मिशन के माध्यम से ऐसी सूचना साझा की है।
सामान्यत: इस तरह की जानकारी IWT के तहत भारत-पाक जल आयुक्तों के माध्यम से साझा की जाती है, लेकिन 22 अप्रैल को पाहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की मौत के बाद भारत ने यह संधि “स्थगित” कर दी थी।
इस समय पाकिस्तान भीषण मॉनसून बाढ़ से जूझ रहा है, जिसमें अब तक 788 लोगों की जान जा चुकी है। ऐसे समय में भारत की ओर से आया यह अलर्ट एक मानवीय कदम माना जा रहा है।
भारत के जल शक्ति मंत्री जावेद अहमद राणा ने जम्मू-कश्मीर में जल स्तर की 24×7 निगरानी के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने 27 अगस्त तक भारी बारिश, बादल फटने और भूस्खलन की आशंका जताई है।
यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों में एक संभावित संवाद का संकेत हो सकता है।
