अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस 2025 पर भारत ने एक नई उपलब्धि दर्ज की है — देश में अब 3,682 बाघ हैं, जिससे भारत विश्व में बाघ संरक्षण में अग्रणी बन गया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि भारत में 58 टाइगर रिजर्व हैं, जो बाघों की सुरक्षा और उनके पर्यावास को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस वर्ष की थीम है — “आदिवासी और स्थानीय समुदायों को केंद्र में रखते हुए बाघों का भविष्य सुरक्षित करना”।
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “बाघों की बढ़ती संख्या सिर्फ उनकी रक्षा नहीं, बल्कि हमारे वनों के स्वस्थ होने का संकेत भी है। चलिए बाघों और उनके निवास की रक्षा का संकल्प लें – ताकि उनकी दहाड़ और बुलंद हो।”
उन्होंने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “भारत ने न केवल अपने बाघों को बचाया, बल्कि उनके लिए एक फलता-फूलता पारिस्थितिकी तंत्र भी तैयार किया। कई समुदायों में बाघ की पूजा होती है और आदिवासी संस्कृति में बाघ को भाई माना जाता है।”
1411 से 3682 तक पहुंचना भारत की दृढ़ नीति, जन भागीदारी और स्थायी विकास की मिसाल है। बाघों की यह सफलता न केवल पर्यावरण की, बल्कि भारत की हरियाली और भविष्य की भी पहचान है।
