पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व भवानीपुर विधानसभा सीट से तृणमूल कांग्रेस(टीएमसी) प्रत्याशी ममता बनर्जी सोमवार ने अचानक क्षेत्र की सोला आना मस्जिद पहुंचकर क्षेत्र के निवासियों से मुलाकात की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मस्जिद पहुंच गए। क्षेत्र की एक मस्जिद में जाने पर भाजपा ने इसे लेकर निशाना साधा है।

ममता बनर्जी अचानक सोलना आना मस्जिद पहुंची और वहां रुकीं। मुख्यमंत्री ने अपना सिर ढका हुआ था। इन सब को वहां मौजूद लोग अपने मोबाइल में वीडियो के रूप में रिकॉर्ड करने लगे।

भवानीपुर सहित पश्चिम बंगाल की तीन विधानसभा सीटों पर 30 सितंबर को उपचुनाव होने हैं। इस सीट पर ममता बनर्जी के सामने भाजपा की तरफ से प्रियंका टिबरेवाल को मैदान में खड़ा किया गया है। टिबरेवाल पेशे से एक वकील हैं।

उन्होंने अलीपुर स्थित सर्वे भवन में सोमवार को अपना नामांकन दाखिल किया। रविवार से टिबरेवाल ने अपना प्रचार शुरू किया जिसके दौरान सबसे पहले शनिवार को उन्होंने कोलकाता के कालीघाट मंदिर में जाकर पूजा-अर्चना की।

पूजा अर्चना के बाद प्रियंका ने चुनाव बाद हुई हिंसा को लेकर टीएमसी प्रमुख पर तंज कसा कि “उन्होंने राज्य में हो रहे अन्याय के खिलाफ लोगों की सुरक्षा के लिए देवी काली से प्रार्थना की।

कालीघाट में ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का घर है और यह इलाका भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में ही आता है।” वहीं, सीपीएम ने भवानीपुर सीट से वकील श्रीजीब विश्वास को मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस उपचुनाव में हिस्सा नहीं ले रही है।

भाजपा आईटी डिपार्टमेंट के नेशनल इंचार्ज अमित मालवीय ने ममता बनर्जी के मस्जिद पहुंचने को लेकर उन्हें निशाने पर लेते हुए ट्वीट कर लिखा “अगर आपको लगता है कि भवानीपुर में ‘कोई मुकाबला नहीं’ था और ममता बनर्जी को जीत का भरोसा था, तो इसे भूल जाइए।

उन्हें पसीना आ रहा है। सोला आना मस्जिद का यह दौरा ‘अचानक’ नहीं है, बल्कि वार्ड 77 से वोट मांगने के लिए एक योजनाबद्ध यात्रा है। अगले कुछ दिनों में, वह बूथ से बूथ तक पहुंचेंगी।”

पिछले विधानसभा चुनाव में भवानीपुर विधानसभा सीट जीतने वाले तृणमूल कांग्रेस के सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने ममता बनर्जी को इस सीट से चुनाव लड़वाने के लिए इस्तीफा दे दिया था, जिससे निर्वाचन आयोग को उपचुनाव की घोषणा करनी पड़ी।

नंदीग्राम में भाजपा के शुभेंदु अधिकारी से चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी को मुख्यमंत्री पद बने रहने के लिए पांच नवंबर तक निर्वाचित होना जरूरी है। इस चुनाव की मतगणना तीन अक्तूबर को होगी।

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