बिहार में शांतिपूर्ण चुनाव सम्पन्न कराना निर्वाचन आयोग के लिए हमेशा से बड़ी चुनौती रहा है। हालांकि पिछले काफी समय से आयोग इसमें सफल रहा है और छिटपुट घटनाओं को छोड़ कर कोई बड़ी घटना यूँ तो काफी समय से चुनावों के दौरान घटित नही हुई है।

इसके बावजूद आयोग किसी भी तरह के लापरवाही या ढिलाई के मूड में नही है। यही वजह है कि बिहार पुलिस के अलावा राज्य में चुनाव के दौरान अर्धसैनिक बलों की 350 कंपनियां तैनात की जाएंगी।


जानकारी के मुताबिक आबादी और भौगोलिक आधार पर छोटे जिलों में एक से दो वहीं बड़े जिलों में कई कंपनियों की तैनाती की जाएगी। इन कंपनियों को खास तौर पर नक्सल प्रभावित जिलों में शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव सम्पन्न कराने का जिम्मा सौंपा जाएगा।

आपको बता दें कि गया, औरंगाबाद जैसे जिले नक्सलियों का गढ़ माने जाते हैं। यही वजह है कि बड़ी आबादी और कोरोना काल मे चुनौतियों का सामना पहले से कर रहा आयोग सुरक्षा और निष्पक्षता से कोई समझौता नही होने देना चाहता है।

गौरतलब है कि बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान हो चुका है। चुनाव का कार्यक्रम हर बार की तुलना में कोरोना को देखते हुए संक्षिप्त रखा गया है। इस बारे पूरे बिहार में सिर्फ तीन चरणों मे चुनाव कराए जाने हैं। 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान होना है जबकि 3 नवम्बर को दूसरे और 7 नवम्बर को तीसरे चरण में मतदान होना है। वहीं परिणाम 10 नवम्बर को घोषित किये जायेंगे।

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