बिहार विधानसभा चुनाव के तारीखों का औपचारिक एलान आने वाले कुछ दिनों में संभव है। इसको लेकर दलों और नेताओं की तैयारियां उफान पर है। आरोप-प्रत्यारोप, बयानबाजी, उद्घाटन, शिलान्यास सहित मतदाताओं को रिझाने-लुभाने के सिलसिला भी शुरू हो गया है।

इसी बीच खबर यह है कि आने वाले दो तीन दिनों में निर्वाचन आयोग की एक टीम बिहार दौरे पर तैयारियों का जायजा लेने जा सकती है। हकांकि तारीखों के एलान से इसका कोई लेना देना नही है।
आपको बता दें कि कोरोना काल मे चुनाव कराना आयोग के लिए न सिर्फ बड़ी चुनौती है बल्कि दलों के सामने भी नए तरीकों से चुनाव प्रचार और मतदाताओं से जुड़ने की चुनौती है। इस चुनाव में कुल 7.29 करोड़ मतदाता भाग लेंगे।

कोरोना काल मे मतदान केंद्रों पर भीड़ न हो इसलिए आयोग ने मतदान बूथों की संख्या न सिर्फ बढ़ाई है बल्कि पहले जहां एक बूथ पर 1500 मतदाता होते थे वहीं इस बार सिर्फ 1000 मतदाता होंगे। ऐसे में कुल बूथ की संख्या में 40 फीसदी का इजाफा किया गया है। अब मतदान केंद्रों की कुल संख्या 65 हजार से बढ़कर एक लाख पर पहुंच गई है।


इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने भी माना कि कोरोना महामारी के दौर में भारत जैसे भौगोलिक और भाषाई विविधता वाले देश मे चुनाव कराना बहुत बड़ी चुनौती है। ऐसा यहां मतदाताओं की भारी संख्या की वजह से है।

बिहार विधानसभा चुनाव-चुनाव आयोग ने तय की प्रत्याशियों की खर्च सीमा, जानें

बिहार विधानसभा चुनाव- राजद को इस दल का मिला साथ, जानें कितना होगा असर

बिहार विधानसभा चुनाव- नितीश सरकार और राजद में ज़ुबानी जंग तेज़, एक दूसरे को बता रहे है बीते युग की पार्टी

बिहार चुनाव- सीट बंटवारे की उहापोह से परेशान दल, संभावित उम्मीदवारों में भी संशय की स्थिति

इस दिन हो सकता है बिहार विधानसभा चुनावों की तारीखों का ऐलान, कोरोना काल मे चुनाव कराने वाला पहला राज्य होगा