दुनिया भर में कोरोना का कहर जारी है। हर दिन संक्रमण और मौत के आंकड़े तेजी से बढ़ रहे हैं। भारत इस मामले में दूसरे नंबर पर आ चुका है। अमेरिका अब भी पहले पायदान पर है। इसी बीच पहली बार यह आंकड़ा सामने आया है कोरोना से लड़ाई में अग्रिम मोर्चे पर तैनात रहे कितने डॉक्टरों ने इस बीमारी से जूझते हुए अपनी जान गंवाई है।


इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की तरफ से जारी एक बयान में बताया गया कि इस बीमारी से जूझते हुए मरीजों की जान बचाने में लगे 382 डॉक्टरों ने अब तक अपनी जान इस महामारी की वजह से गंवाई है। IMA ने सरकार से इन डॉक्टरों को शहीद का दर्जा देने की भी मांग की है। वहीं इस बीमारी से अभी तक कुल 2,238 डॉक्टरों के संक्रमित होने की बात भी कही गई है।


एसोसिएशन ने कहा कि अगर सरकार कोरोना से संक्रमित होने और जान गंवाने वाले डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों के आंकड़ें नहीं रखती, तो उसे महामारी अधिनियम, 1897 और आपदा प्रबंधन कानून लागू करने का नैतिक अधिकार नहीं है। आपको बता दें कि इससे पहले स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने एक बयान में कहा था कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और अस्पताल राज्यों के अधीन आते हैं और इसलिए केंद्र के पास बीमा मुआवजा का डाटा उपलब्ध नहीं है। उनके इस बयान पर आइएमए ने कहा कि यह हमारे लोगों के लिए खड़े होने वाले राष्ट्रीय नायकों को त्यागने और कर्तव्य से पीछे हटने के समान है।