5 साल तक चुनाव जीत नदारद रहने वाले विधायकों की राह इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में मुश्किल नजर आ रही है। लोकलुभावन वादे कर जीतने वालों से अब जनता हिसाब मांग रही है। क्षेत्रीय समस्याओं पर लोगों के गुस्से का सामना अभी तक बिहार में कई विधायक कर चुके हैं।


इसी क्रम में जब वैशाली जिले के महनार में जदयू विधायक उमेश कुशवाहा समर्थकों के साथ पहुंचे तो गुस्साई भीड़ ने बिना कुछ सुने उनसे पिछले पांच सालों के हिसाब मांग लिया। यह वाकया चकेशों गाँव मे हुआ। विधायक और उनके समर्थकों को इस बात का कतई अंदाजा नही था। वह लोगों को समझाने की कोशिश करते रहे लेकिन लोग कुछ भी सुनने के मूड में नही थे।


विधायक और उनके समर्थकों ने लोगों को समझाने की पूरी कोशिश की लेकिन वहां जुटे लोग उलझ पड़े। इसके बाद नौबत हाथापाई की आ गई और लोगों ने समर्थकों को पीट दिया। इसके बाद विधायक के बॉडीगार्ड ने बीच बचाव करते हुए उन्हें सुरक्षित निकाला। ऐसी ही एक घटना हाजीपुर में हुई जहां बीजेपी विधायक को लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा। विधायक अवधेश सिंह दयालपुर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन करने गए थे लेकिन मामला उल्टा पड़ा और लोग सवाल करने लग गए। लोगों का गुस्सा जर्जर सड़क को लेकर फूटा था।