भारत में अब सैटेलाइट इंटरनेट की रफ़्तार बढ़ने वाली है। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसकी घोषणा की।
उन्होंने बताया कि स्टारलिंक को यूनिफाइड लाइसेंस मिल गया है और स्पेक्ट्रम अलॉटमेंट के लिए ज़रूरी ढांचा तैयार है। इसके साथ ही भारती ग्रुप की Eutelsat OneWeb और Jio SES भी अपनी सेवाओं की तैयारी में हैं।
इस मौके पर सिंधिया ने भारत की डिजिटल यात्रा पर भी रोशनी डाली।
- देश में अब 1.2 अरब टेलीफोन कनेक्शन हैं
- इंटरनेट सब्सक्रिप्शन 286% बढ़कर 970 मिलियन हो गया है
- मोबाइल डेटा दुनिया में सबसे सस्ता – ₹8.9/GB
- 5G कवरेज 99.6% ज़िलों तक
- BSNL ने 18 साल बाद मुनाफा कमाया है
- भारत में 6G टेक्नोलॉजी पर भी तेज़ी से काम हो रहा है
COAI और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने भी भारत की 30 साल की टेलीकॉम यात्रा को सराहा। 1995 में पहली मोबाइल कॉल से लेकर आज 5G और 6G की दिशा में कदम बढ़ाता भारत अब दुनिया को तकनीक में दिशा देने के लिए तैयार है।
डिजिटल भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, निर्माता भी बन चुका है।
