अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में हुए सैन्य तनाव को खत्म कराने में अहम भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चेतावनी दी थी कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई नहीं रुकी, तो अमेरिका भारत पर भारी टैरिफ लगाएगा और व्यापारिक संबंध रोक देगा।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा,
“मैंने मोदी से कहा, अगर तुम नहीं रुके तो हम कोई डील नहीं करेंगे और ऐसे टैरिफ लगाएंगे कि तुम्हारा सिर घूम जाएगा।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि इस बातचीत के पांच घंटे के भीतर भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम हो गया।
हालांकि, भारत ने इन दावों को साफ़ तौर पर खारिज कर दिया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के साथ युद्धविराम DGMOs (सेनाओं के संचालन महानिदेशक) के बीच हुई सीधी बातचीत से तय हुआ था, न कि किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से।
ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच “सैकड़ों वर्षों से नफरत” चल रही है—जो ऐतिहासिक रूप से गलत है। भारत और पाकिस्तान 1947 में ब्रिटिश राज के अंत के बाद स्वतंत्र राष्ट्र बने थे।
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का दावा किया है। मई 2025 से अब तक वह 40 से अधिक बार कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध को रोका।
भारत सरकार ने संसद में और आधिकारिक स्तर पर स्पष्ट किया है कि देश की रणनीतिक और सैन्य नीति पूरी तरह स्वतंत्र है, और किसी तीसरे देश को हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी जाती।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के ये बयान घरेलू राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दिए जा रहे हैं और इनका कूटनीतिक आधार नहीं है।
