प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मालदीव यात्रा के दौरान भारत-मालदीव संबंधों को “इतिहास से भी पुराने और समुद्र जितने गहरे” बताते हुए 4,850 करोड़ रुपये की क्रेडिट लाइन का ऐलान किया। यह दौरा मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजु के साथ रिश्तों को पुनः मज़बूत करने की दिशा में अहम रहा, जिन्होंने भारत को अपना “सबसे भरोसेमंद विकास साझेदार” बताया।
दोनों नेताओं के बीच व्यापार, रक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने को लेकर व्यापक बातचीत हुई। पीएम मोदी ने कहा, “शांति, स्थिरता और समृद्धि – यही हिंद महासागर क्षेत्र का साझा लक्ष्य है।” उन्होंने “पड़ोसी पहले” और “महासागर” नीति के तहत मालदीव को भारत की प्राथमिकता बताया।
इस मुलाकात से दोनों देशों के रिश्तों में नया मोड़ आया है, खासकर तब जब मुइजु की सत्ता में आने के बाद “इंडिया आउट” अभियान से तनाव पैदा हुआ था। अब उन्होंने पीएम मोदी को 4,078 दिनों तक लगातार प्रधानमंत्री बने रहने पर बधाई दी।
भारत द्वारा दी गई 4,850 करोड़ की सहायता से मालदीव में सड़क, आवास और रक्षा मंत्रालय की नई इमारत जैसे कई परियोजनाएं पूरी की गईं। पीएम मोदी ने इसे “भरोसे की ठोस इमारत” बताया।
यह दौरा सिर्फ एक राजनयिक पहल नहीं, बल्कि दोनों देशों के मजबूत, स्थायी और भरोसेमंद रिश्तों की नई शुरुआत है।
