उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने हाल ही में स्पेशल सिक्योरिटी फ़ोर्स के गठन को मंजूरी दी है। यह फ़ोर्स महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों, दफ्तरों और राज्य के भीतर अहम औद्योगिक प्रतिष्ठानों जैसे मेट्रो, एयरपोर्ट इत्यादि की सुरक्षा का जिम्मा संभालेगी। इस सुरक्षा बल के गठन की बात सामने आते ही मिलीजुली प्रतिक्रियाओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
इस फ़ोर्स के गठन के लिए डीजीपी को रोडमैप तैयार करने के आदेश शासन की तरफ से जारी किए गए हैं। इस बाबत जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक यूपी एसएसएफ (UP SSF) को ढेर सारी शक्ति दी गई है। इस शक्तियों में बिना वारंट गिरफ्तारी और तलाशी की पॉवर एसएसएफ को मिली है। खास बात यह है कि बिना सरकार की इजाज़त के एसएसएफ के अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कोर्ट भी संज्ञान नहीं लेगी।
इस फ़ोर्स के गठन की मंजूरी यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने 28 जून को दी थी। इस फ़ोर्स का मुख्यालय राजधानी लखनऊ में होगा। इस फ़ोर्स की अगुवाई एडीजी रैंक के अधिकारी करेंगे। शुरुआत में इसकी पांच बटालियन का गठन किया जाएगा। यह अलग-अलग अधिनियमों के तहत काम करेगी।
