ग़ैरक़ानूनी घुसपैठ पर सख़्त सुप्रीम कोर्ट- हिरासत जारी रहेगी

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बंगाली भाषी प्रवासी मज़दूरों को संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक मानकर हिरासत में लेने पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। अदालत ने साफ कहा कि अगर कोई घुसपैठिया अवैध तरीके से देश में प्रवेश करता है और उसे हिरासत में न लिया जाए, तो वह गायब हो सकता है।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा, “अगर हम अंतरिम आदेश जारी करते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं, खासकर उनके मामले में, जो सच में सीमा पार से अवैध रूप से आए हैं और जिन्हें कानून के तहत वापस भेजना ज़रूरी है।”

अदालत ने माना कि राज्यों को यह अधिकार है कि वे प्रवासी मज़दूरों की पहचान और उनके मूल राज्य से उनके bona fide की जांच करें। लेकिन अंतरिम अवधि में क्या किया जाए, यही असली चुनौती है।

यह टिप्पणी उस जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कई बंगाली भाषी प्रवासी मज़दूरों को केवल शक के आधार पर हिरासत में लिया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल याचिका पर विचार करने का आश्वासन दिया, लेकिन किसी भी तरह की तत्काल राहत देने से इंकार कर दिया।

अदालत का रुख साफ है—अवैध घुसपैठ पर सख़्ती ज़रूरी है, वरना मामला नियंत्रण से बाहर जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *