भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की एक पुरानी चिट्ठी को लेकर राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। इस चिट्ठी में नेहरू ने पाकिस्तान को “भाई, मित्र और अच्छा पड़ोसी” बताया था। इसे लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है।
लोकसभा में बोलते हुए दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने 1991 में पाकिस्तान के साथ सैन्य समझौते के जरिए देश की सुरक्षा से खिलवाड़ किया। उन्होंने कांग्रेस पर “देशद्रोह” का मामला चलाने की मांग करते हुए कहा कि पार्टी ने हमेशा पाकिस्तान के हितों की रक्षा की है।
दुबे ने दावा किया कि नेहरू की यह चिट्ठी चीन के साथ युद्ध के दौरान अमेरिका से मदद मांगते हुए लिखी गई थी, जिसमें उन्होंने पाकिस्तान के प्रति अत्यधिक नरमी दिखाई। उन्होंने कहा, “नेहरू जी अमेरिका से बार-बार मदद की गुहार लगाते रहे और पाकिस्तान को भाई और मित्र कहते रहे।”
निशाना केवल नेहरू पर ही नहीं, उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर भी हमला बोला। दुबे ने कहा कि 1965 के युद्ध में जीत के बावजूद इंदिरा गांधी ने कच्छ का हिस्सा पाकिस्तान को सौंप दिया। उन्होंने यह दावा भी किया कि नीलम और काशीगंगा घाटी को भी इंदिरा सरकार ने पाकिस्तान को दे दिया था।
कांग्रेस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। पार्टी ने कहा कि भाजपा इतिहास को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है और जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटका रही है।
यह विवाद ऐसे समय पर उभरा है जब देश चुनावी मोड में है और भाजपा कांग्रेस की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर उसे घेरने की रणनीति अपना रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बहस ने माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है।
