बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पुलिस ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर जातीय या भड़काऊ गाने, वीडियो और संदेश पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि “भड़काऊ, दोहरे अर्थ वाले और जातीय भावना भड़काने वाले भोजपुरी या अन्य भाषाओं के गानों को पोस्ट करना शांति भंग करने की कोशिश मानी जाएगी और इसे आचार संहिता उल्लंघन के तहत कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस के अनुसार, अब तक साइबर सेल ने 10 एफआईआर दर्ज की हैं, जबकि 53 स्टेशन डायरी एंट्री भी की गई हैं। 16 आपत्तिजनक कंटेंट हटाए जा चुके हैं और कई अन्य पर प्रक्रिया जारी है।
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा के लिए दो चरणों में मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि परिणाम 14 नवंबर को आएंगे। चुनाव नजदीक आते ही सोशल मीडिया राजनीतिक दलों का नया युद्धक्षेत्र बन गया है।
इस बीच, चुनाव आयोग ने भी AI और ‘सिंथेटिक कंटेंट’ के दुरुपयोग पर चिंता जताई है। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों को निर्देश दिया है कि वे सोशल मीडिया और डिजिटल सामग्री का उपयोग जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ करें ताकि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहे।
