DA के मसले पर ममता बनर्जी की दो टूक, कहा- प्रदर्शनकारी मेरा सिर काट लें, तो भी उन्‍हें केंद्र सरकार के बराबर डीए नहीं दे पाएंगीं

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के एक बयान ने सोमवार को हलचल मचा दी। उन्‍होंने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी उनका सिर काट लेते हैं तो भी सरकार उन्हें केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता (DA) मुहैया नहीं करा पाएंगी।

ममता बनर्जी का ये बयान राज्य सरकार के कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग द्वारा केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता बढ़ाने की अपनी मांग पर अड़े रहने के बीच आया है।

विधानसभा में बजट सत्र के दौरान ममता बनर्जी ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकारों के वेतन ढांचे में अंतर का हवाला दिया। उन्‍होंने कहा कि राज्य में तृणमूल कांग्रेस सरकार पहले से ही अपने कर्मचारियों को 105 प्रतिशत डीए दे रही है।

पश्‍चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि आप (आंदोलनकारी सरकारी कर्मचारी) कितना चाहते हैं? आपको कितने से संतुष्टी मिलेगी?

कृपया मेरा सिर काट दें और फिर उम्मीद है कि आप संतुष्ट होंगे। अगर आप मुझे पसंद नहीं करते तो मेरा सिर काट दें, लेकिन आप मुझसे और नहीं पाओगे।

मालूम हो कि संग्रामी जौथा मंच (संयुक्त संघर्ष मंच) सहित राज्य सरकार के कर्मचारियों के विभिन्न संगठन केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर डीए बढ़ाने के लिए आंदोलन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महंगाई भत्ते के मुद्दे पर विपक्ष समर्थित विरोध प्रदर्शन का विरोध किया। उन्‍होंने कहा कि राज्य के पास अपने कर्मचारियों को अधिक भुगतान करने के लिए धन नहीं है।

गौरतलब है कि राज्य में विपक्षी बीजेपी, कांग्रेस और वामपंथी केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ते या डीए की मांग उठा रहे हैं।

बीती 15 फरवरी को विधानसभा में 2023-24 का बजट पेश करने के दौरान वित्‍त मंत्री ने घोषणा की थी कि सरकार मार्च से शिक्षकों और पेंशन भोगियों सहित अपने कर्मचारियों को 3 प्रतिशत अतिरिक्त डीए का भुगतान करेगी।

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