जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद फारूक अब्दुल्ला के जम्मू-कश्मीर में चीन की मदद से अनुच्छेद 370 को बहाल करवाने वाले बयान पर मचा बवाल शांत होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी क्रम में आज हिन्दू सेना ने दिल्ली स्थित चीनी दूतावास के बाहर फारूक अब्दुल्लाह के पोस्टर चिपकाए है जिसपर लिखा है ‘प्लीज अडॉप्ट’.
पोस्टर में चीन से अपील की गई है की वह फारूक अब्दुल्ल को गोद लेले और अपने साथ चीन ले जाए.
वहीँ दूसरी ओर नेशनल कांफ्रेंस ने अपने अध्यक्ष का बचाव करते हुए बयान जारी किया है की फारूक अब्दुल्ला ने कभी भी जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को बहाल करवाने के लिए चीन की मदद लेने की वकालत नहीं की.
बयान में यह भी कहा गया है की कुछ सियासी पार्टियां फारूक अब्दुल्ला को बदनाम करने के लिए उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है जैसे कल बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने किया था.
कल एक प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने फारूक अब्दुल्ला को उनके इस बयान को लेकर काफी खरी-खोटी सुनाई थी. उनके इस बयान को पात्रा ने देश द्रोह देश कदम करार दे दिया था.
आपको बतादें की एक निजी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में फारूक अब्दुल्ला ने कहा था की चीन के समर्थन से जम्मू-कश्मीर में फिर से अनुच्छेद 370 और 35A लागू होगा. उन्होंने या भी कहा था की वह जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35A लागू करवाने के लिए वचनबद्ध है. मगर यह इस काम को शांतिपूर्वक करना चाहते है.
आपको बतादें की फारुख अब्दुल्लाह के इस विवादित बयान से पहले भी वह पाकिस्तान को लेकर एक बयान दे चुके है जिसपर काफी विवाद हुआ था. उन्होंने कश्मीर का मसला सुलझाने के लिए भारत सरकार को पाकिस्तान से बातचीत करने के लिए कहा था. जिसको लेकर काफी सियासी भूचाल भी मचा था.
