वरिष्ठ राजनेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का मंगलवार को 79 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से किडनी संबंधी बीमारी से पीड़ित थे और दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।
सत्यपाल मलिक ने अपने राजनीतिक जीवन में कई अहम पदों पर कार्य किया। वे जम्मू-कश्मीर के अंतिम राज्यपाल रहे, जब राज्य का विशेष दर्जा समाप्त कर केंद्र शासित प्रदेश में तब्दील किया गया था। इसके अलावा वे गोवा, बिहार, ओडिशा और मेघालय के राज्यपाल भी रह चुके हैं।
मलिक अपने स्पष्ट और बेबाक बयानों के लिए भी जाने जाते थे। उन्होंने समय-समय पर सरकार की नीतियों और फैसलों पर भी सवाल उठाए, जिससे वे अक्सर सुर्खियों में बने रहते थे। किसानों के मुद्दों पर उनकी टिप्पणियां खास तौर पर चर्चा में रही थीं।
उनके निधन से राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।
सत्यपाल मलिक के निधन से देश ने एक अनुभवी, सच्चे और निर्भीक नेता को खो दिया है।
