असम-मिजोरम में हुए सीमा विवाद के बाद मामला थमता हुआ नजर नहीं आ है। इस विवाद में शुक्रवार को असम ने मिजोरम के कोलासिब जिले के छह अधिकारियों को समन भेज दिया और साथ ही राज्य के इकलौते राज्य सभा सांसद के.वनलालवेना को भी पूछताछ के लिए 1 अगस्त को बुलाया है।
वहीं,असम की इस कार्रवाई के बाद मिजोरम पुलिस ने भी कोलासिब जिले के वैरेंगते नगर के बाहरी हिस्से में हुई हिंसा के मामले में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, राज्य पुलिस के चार वरिष्ठ अधिकारियों और दो अन्य अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर दिए हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मिजोरम के पुलिस महानिरीक्षक जॉन एन ने बताया कि इन लोगों के खिलाफ हत्या का प्रयास और आपराधिक साजिश समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा नगर के पास मिजोरम और असम पुलिस बल के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सोमवार देर रात को राज्य पुलिस द्वारा वैरेंगते थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
जाॅन एन ने बताया कि असम पुलिस के 200 अज्ञात कर्मियों के खिलाफ भी मामले दर्ज किये गए हैं। इससे पहले असम की ओर से सांसद के.वनलालवेना के आवास पर पुलिस की टीम भेजी गई थी, हालांकि वे नहीं मिले। वहीं दूसरी तरफ अधिकारियों ने यह जानकारी दी कि असम पुलिस ने कोलासिब जिले के पुलिस अधीक्षक और उपायुक्त समेत मिजोरम सरकार के छह अधिकारियों को धोलाई पुलिस थाने में सोमवार को पेश होने के लिए समन किया है।
असम पुलिस के एक सूत्र ने शुक्रवार को कहा कि इन अधिकारियों को 28 जुलाई को समन जारी किये गये थे। इससे पहले गुरुवार को असम सरकार ने एक यात्रा परामर्श जारी करके राज्य के लोगों से अशांत परिस्थितियों के मद्देनजर मिजोरम की यात्रा से बचने और वहां काम करने वाले और रहनेवाले राज्य के लोगों से ‘अत्यंत सावधानी बरतने’ को कहा।
घटना यह है कि इसी हफ्ते सोमवार को दोनों राज्यों में सीमा पर विवाद के बीच मिजोरम पुलिस द्वारा की गई गोलीबारी में असम के छह पुलिसकर्मियों और एक आम नागरिक की मौत हो गई, साथ ही एक पुलिस अधीक्षक और 50 अन्य लोग घायल हो गए थे।
दोनों पक्षों ने हिंसा के लिए एक-दूसरे की पुलिस को जिम्मेदार ठहराया और केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की। दोनों मुख्यमंत्रियों के कहने पर गृहमंत्री अमित शाह को घटना का रुख करना पड़ा।
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