अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है। इसी बीच झारखंड के जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी ने तालिबानियों द्वारा अमेरिकी सैनिकों को हटाने का कदम सही बताते हुए कहा कि “वहां के लोग अब खुश हैं।
अमेरिकन वहां जाकर अफगानिस्तान और तालीबान के साथ ज्यादती कर रहे थे। मां-बहन, बच्चों तक को तंग कर रहे थे। इसी के खिलाफ यह लड़ाई है। जो कुछ फैलाया जा रहा है, वह गलत है।”
कट्टरपंथी संगठन तालिबान की तारीफ करते हुए इरफान ने कहा कि उसने अमेरिका को अफगानिस्तान से खदेड़ कर शानदार काम किया है। झारखंड में मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा पहुंचे विधायक ने मीडिया से बातचीत करते हुए तालिबानियों की सराहना किए जाने चाहने की बात रखी क्योंकि उन्होंने अमेरिकियों को अफगानिस्तान से खदेड़ दिया है।
जामताड़ा से दूसरी बार विधायक बने अंसारी का कहना है कि अमेरिकी सेना अफगानिस्तान में ज्यादती करती थी। उनसे जब कहा गया कि अमेरिकी सेना के जाने के बाद हालात काफी खराब हो गए हैं, अफगानिस्तान में आरजकता का माहौल है तो उन्होंने कहा कि “कुछ भी खराब नहीं है वो आजादी था।” उन्होंने तालिबान के अफगानिस्तान पर कब्जे को आजादी बताया। साथ ही सबको स्वतंत्रता मिलने की बात कही।
जब तालिबान के शरियत कानून को लेकर विधायक से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि “वो उसका मुद्दा है वो क्या कर रहा है उससे हमें क्या मतलब? आपने कभी पूछा कि मोदी जी क्या कर रहे हैं?”
एक कट्टरपंथी संगठन के समर्थन पर विधायक ने माना कि “हां वो आतंकवादी संगठन है लेकिन अमेरिकियों को अपने देश से खदेड़कर उसने क्रांतिकारी काम किया है। ब्रिटिश और अमेरिकी सेना जहां भी जाती हैं लोगों पर अत्याचार करती हैं।
अफगानिस्तान में शांति होनी चाहिए क्योंकि अमेरिकी सैनिक चले गए हैं और ब्रिटिश सेना को खदेड़ दिया गया है। इसके आगे अफगानिस्तान में जो हो रहा है उससे हमें कुछ लेना-देना नहीं है।”
कांग्रेस विधायक के बयान पर पलटवार करते हुए भाजपा ने कहा कि “यह कांग्रेस की तालिबानी सोच को दर्शाता है।” विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक बिरंची नारायण ने कहा कि “वह इस तरह का बातें इसलिए कर रहे हैं कि कांग्रेस पार्टी तालिबानी मानसिकता से ओतप्रोत है।
वह ऐसे आतंकवादी संगठन का समर्थन कर रहे हैं जो औरतों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ क्रूरता के लिए जाना जाता है। हमारी कई मां और बहनें और अन्य लोग डर के कारण अफगानिस्तान से भाग रहे हैं। क्या अंसारी यहां भी ऐसी ही स्थिति देखना चाहते हैं?”
