मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राहुल गांधी के विवादित बयान “नरेंद्र सरेंडर” पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को कांग्रेस के संगठन सृजन से पहले अपने “विचारों और दिमाग का सृजन” करना चाहिए। मुख्यमंत्री ने राहुल के बयान को अमर्यादित और कांग्रेस की संस्कारहीन सोच का प्रतीक बताया।
बता दें कि मंगलवार को राहुल गांधी भोपाल में कांग्रेस के संगठन सृजन सम्मेलन में शामिल हुए थे। इस दौरान अपने भाषण में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिसे लेकर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह कोई पहली बार नहीं है। राहुल गांधी अपने विवादित बयानों के कारण लगातार चर्चा में रहते हैं।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राहुल गांधी को प्रधानमंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “राहुल गांधी ने जिस तरह जूते पहनकर पुष्पांजलि अर्पित की, वह भारतीय संस्कृति और शिष्टाचार के विपरीत है। जब बड़ों को श्रद्धांजलि दी जाती है तो जूते उतारकर, विनम्रता से हाथ जोड़कर श्रद्धा व्यक्त की जाती है, फूल फेंके नहीं जाते।”
उन्होंने राहुल गांधी के शब्दों को ‘संवेदनहीन और गैर-जिम्मेदार’ बताया और कहा कि इस तरह की भाषा का प्रयोग उनके संस्कारों की कमी को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने ट्रंप का ज़िक्र कर भारत की विदेश नीति और सेना की गरिमा पर भी सवाल खड़े किए हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
मोहन यादव ने अंत में कहा, “कांग्रेस की इस तरह की सोच और शैली के कारण ही जनता अब उसे नकार रही है। राहुल गांधी को अपनी भाषा, आचरण और सोच पर आत्ममंथन करना चाहिए।”
