कृषि कानून को लेकर नाराज़ चल रहे किसनों के एक दल को दिल्ली में केंद्र सरकार ने चर्चा के लिए बुलाया था मगर इस मीटिंग में कृषि नरेंद्र सिंह तोमर ही नहीं पहुंचे. काफी देर इंतज़ार करने के बाद भी जब तोमर नहीं पहुंचे तो किसानों का सब्र जवाब दे गया और उन्होंने मंत्रालय के अंदर ही नारेबाजी करनी शुरू करदी और सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए.
आपको बतादें की केंद्र सरकार ने कृषि कानून को लेकर नाराज़ चल रहे किसानों को चर्चा के लिए आमंत्रित किया था. इस चर्चा में 29 किसान संगठनों के नेता शामिल हुए थे. जब चर्चा शुरू हुई तो कृषि सचिव ही पहुंचे जबकि नाराज़ किसान मंत्री से बात करने पर अड़े रहे. जिसको लेकर हंगामा काफी बढ़ गया और नौबत कानून की कापियां फाड़ने तक पहुँच गई.
मीटिंग में बात इतनी बढ़ गई थी की बात तू-तू, मैं-मैं तक पहुँच गई थी. किसानों ने मंत्रालय के बाहर पहुँचते ही कृषि कानूनों की कॉपियां फाड़कर हवा में लहरदी.
किसानो के अनुसार मीटिंग के बहाने सरकार उन्हें बहलाने की कोशिश कर रही है. आज की मीटिंग सिर्फ दिखाया था. मीटिंग में हमारी कोई बात नहीं सुनी गई बल्कि हमें ही समझने की बात होती रही. किसानों ने कहा की वह आगे की निति चंडीगढ़ में मनाएंगे. अगर अब सरकार को हमसे बात करनी है तो उन्हें हमारे पास आना होगा. हम अब दिल्ली नहीं आएँगे.
आपको बतादें की केंद्र सरकार ने पिछले महीने संसद के दोनों सदनों में भारी विरोध के बाद भी तीन कृषि बिल पारित किये थे जिसका देश भर में जमकर विरोध हुआ था. किसान ने जगह-जगह धरना-प्रदर्शन किया. उनका आरोप है की सरकार इस बिल के जरिये उन्हें कॉर्पोरेट के हाथों बेच रही है.
