संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष की तल्खी देखने को मिल रही है। विपक्ष जहां कोरोना, अर्थव्यवस्था, चीन और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने में कोई कसर नही छोड़ना चाहता है वहीं सत्ता पक्ष भी हर मुमकिन जवाब से विपक्ष की बोलती बंद करने के प्रयास में लगा दिखाई दे रहा है। इसी क्रम तब एक दिलस्चस्प नोकझोक आप-बीजेपी सांसदों के बीच देखने को मिली जब राज्यसभा में कोरोना को लेकर चर्चा चल रही थी।
दरअसल, राज्यसभा में आज कोरोनावायरस महामारी पर चर्चा हो रही थी। इस दौरान जब संजय सिंह की बारी आई, तो उन्होंने मार्च-अप्रैल में पीएम मोदी के ताली-थाली बजाने के आह्वान पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर कोरोना को भगाने के लिए ऐसी कोई रिसर्च हो, तो वे भी प्रधानमंत्री के साथ ताली-थाली बजाने के लिए तैयार हैं।
संजय सिंह की यह टिप्पणी बीजेपी नेता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी को रास नही आई। उन्होंने इसपर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा,”कोरोना वायरस मानव जाति के इतिहास की ज्ञात अबतक की सबसे बड़ी आपदा है। जो लोग कह रहे हैं कि क्या ताली-थाली बजाने से कोरोना खत्म हो जाएगा। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या चरखा चलाने से आजादी मिली थी?”
उन्होंने आगे बोलते हुए कहा कि “चरखा चलाना एक प्रतीक था। ठीक उसी तरह ताली-थाली बजाना एक प्रतीक था जिसके जरिए कोरोना से जंग में जुटे लोगों का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की गई।”
