केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने जोजिला टनल में निर्माण कार्य के लिए वर्चुअली पहला ब्लास्ट किया। ये टनल श्रीनगर, द्रास, कारगिल और लेह में सभी मौसम में कनेक्टिविटी मुहैया कराएगी। अभी इनमें से कई क्षेत्रों में सड़क मार्ग से कनेक्टिविटी साल के 6 महीने तक ही हो पाती है। सेना और सिविल इंजीनियरों की टीम जोजिला-दर्रे के पहाड़ को काट कर इस सुरंग का निर्माण करेगी।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि,’ये एशिया की सबसे लंबी टनल है और निश्चित रूप से लद्दाख, लेह और कश्मीर की अर्थव्यवस्था बदलने में इसका उपयोग होगा। हमारे विभाग के सभी लोगों के प्रयासों से इस टनल के काम में हमने करीब 4,000 करोड़ रुपये की बचत भी की है।’ इस पूरे प्रोजेक्ट के निर्माण में 6808.63 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सुरंग के निर्माण में 6 वर्ष का समय लगेगा, जबकि एप्रोच रोड को बनाने में 2.5 साल लगेंगे।
इस टनल के बनने से लैंड स्लाइड की चिंता से दूर रहते हुए नेशनल हाईवे वन पर श्रीनगर से लेह के बीच यात्रा की जा सकेगी। इस प्रोजेक्ट के तहत 14.15 किलोमीटर लंबी सुरंग और 18.63 किलोमीटर लंबी एप्रोच रोड का निर्माण किया जाएगा। इस तरह से पूरे प्रोजेक्ट में 32.78 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी।
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